पटना, जहां पटना उच्च न्यायालय का फैसला आने के बाद शराब पीने वाले लोगों के बीच खुशी की लहर दौर गयी थी वहीं फिर सरकार ने नया कानून कल से लागू करने के लिए शिकंजा कस दिया। बिहार सरकार के प्रधान अपर महाधिवक्ता ललित किशोर ने साफ कहा है कि राज्य में शराब बंदी जारी रहेगी शराब बंदी का नया कानून दो अक्टूबर से प्रभावी हो जायेगा। बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू रहेगी। दरअसल हाई कोर्ट के फैसला आने के बाद राजनीतिक और अफसरों के बीच गहन चर्चा हुई। निबंधन उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के प्रधान सचिव आमिर सुबहानी, मुख्य सचिव अंजनीकुमार सहित प्रधान अपर महाधिवक्ता भी बैठे थे। बाद में साफ हो गया कि हाई कोर्ट के फैसले से नये फैसले से शराब बंदी पर कोई असर नहीं होगा। बिहार हाईकोर्ट में बिहार में मौजूदा शराब बंदी का फैसला सुनाया है। लेकिन बिहार झारखंड और उड़ीसा में 1915 में कानून है। इसी कानून को आंशिक संशोधन केसाथ बिहार सरकार ने 1 अप्रैल 2016 को गांव में और 5 अप्रैल 2016 को शहरों में पूर्ण रूप से शराब बंदी लागू की थी।
पिछले मॉनसून सत्र में बिहार सरकार द्वारा शराब बंदी कानून प्रभावी तरह से लागू करने केलिए नये विधेयक लाया गया था। बिहार मंडल के दोनों सदनों में विधानसभा और विधान परिषद बिहार मद्य निषेध उत्पाद विधेयक 2016 को पारित किया। इसमें नये विधेयक की मंजूरी बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविन्द ने दी दी। राजभवन से विधेयक कीमंजूरी मिलते ही यह विधेयक राज्य का नया शराबबंदी बन गया। लेकिन इसकी अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है अधिसूचना लागू होने पर नया कानून लागू होगा।
सरकार की पूर्ण घोषणा के अनुसार नया शराब बंदी कानून 2 अक्टूबर महात्मा गांधी और जय जवान जय किसान के मसीहा लाल बहादुर शास्त्री के जयंती परलागू होगा। इस पर बिहार सरकार ने कहा है कि 2 अक्टूबर के कानून पर न्यायालय का टिप्पणी नहीं की गयीहै। 2 अक्टूबर को मंत्रिमंडल की बैठक करके कानून की मंजूरी दी जायेगी। उसी दिन विभागीय अधिसूचना गजट जारी करके इसे अमल में लाया जायेगा। इसके साथ राज्य में पूर्ण शराब बंदी यथावत लागू हो जायेगी।



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