गाजियाबाद, ( संवाददाता ) शहर का कूडा उठाने के लिए ठेके पर वाहन चलाने को लेकर निगम प्रशासन व निगम वाहन चालक संघ के बीच बवाल हो गया है। ठेका योजना का विरोध कर रहे पांच ड्राइवरों को निलंबित कर दिया गया व कई ठेका ड्राइवरों को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। निलंबित होने वाले ड्राइवरों में सलीम (मूलपद, स्वास्थ्य विभाग में चौकीदार), संजय (मूल पद, सफाई कर्मचारी), अजीत, सुरेंद्र शर्मा, सतवीर शामिल है। इसको लेकर नगर निगम के वाहन चालकों ने गुरुवार को शहर का कूड़ा नहीं उठाया व नगर निगम परिसर में धरने पर बैठ गए।
जिसके बाद महापौर ने आपाताकालीन बैठक बुलाई। जिसमें हर त्यौहार पर कूड़ा न उठाने की धमकी से परेशान होकर कड़ा फैसला लेने का निर्णय लिया। करीब 60 पार्षद, महापौर, नगर आयुक्त व अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में सदन में कू़डा उठान को लेकर कड़ा निर्णय लिया। सदन के निर्णय लिया गया कि दो दिनों में कूड़े उठाने के अस्थायी व्यवस्था की जाएगी। नगर निगम में कूड़ा उठाने के नाम पर चल रहे डीजल के खेल को समाप्त किया जाएगा। सदन के निर्णय के बाद पुलिस फोर्स बुलाई गई व धरने पर बैठे कर्मचारियों को बाहर खदेड़ दिया गया।
नगर आयुक्त अब्दुल समद, महापौर अशु वर्मा व पार्षदों ने मिलकर नगर निगम वाहन चालकर संघ के कार्यालय को खाली करा दिया। उसमें मौजूद सामान को बाहर फेंक दिया गया। उसके बाद सभी अधिकारी व पार्षदों ने धरने पर बैठे वाहन चालकों को निगम परिसार से बाहर दौड़ा दिया। इस दौरान पार्षद प्रवीण चौधरी, राजेंद्र त्यागी, मुकेश त्यागी, जाकिर सैफी, हाजी अजीमुद्दीन, शेखर त्यागी, राजीव शर्मा, सुनील चौधरी, कुलदीप, सरदार सिंह भाटी, लवली कौर, धीरेंद्र यादव, आदिल मलिक, मौसीन खान, बलवंत सिंह, फारुख समेत 60 पार्षद मौजूद रहे।



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