गाजियाबाद, ( संवाददाता ) सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विकास श्रीवास्तव ने सूचित किया है कि श्री रामकृष्ण उपाध्याय, जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कुशल निर्देशन में जाटव बस्ती असालतनगर जिला गाजियाबाद में बालिका दिवस के रूप में मनाये जाने हेतु विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया जिसमें श्री ओमप्रकाश सिविल जज-प्रबर खण्ड त्वरित न्यायालय विकास श्रीवास्तव सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री विजय शंकर तहसीलदार मोदीनगर ग्राम प्रधान विनोद जाटव व आमजन द्वारा प्रतिभाग किया गया।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विकास श्रीवास्तव द्वारा बताया गया कि 01 जनवरी सन 1996 को पीसीपीएनडीटी एक्ट प्रवर्तन में आया था जो कि लिंग चयन एवं लिंग परीक्षण को पूर्णतयाः निषिध करता है। अतः आज के दिन को बालिका दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। कन्या भूण हत्या एक सामाजिक अभिशाप है तथा कन्या को जन्म लेने का अधिकार है। लिंगानुपात यह दर्शाता है कि आज भी लोग कन्या को जन्म लेने से रोक रहे है। इस सम्बन्ध में प्रसूति पूर्व अथवा गर्भ धारण के पश्चात विभिन्न परीक्षण तकनीकों द्वारा लिंग पता कर कन्या भू्रण हत्या को रोकने के लिए पीसीपीनएनडीटी एक्ट को लागू किया गया। इस अधिनियम में प्राविधानित किया गया है कि लिंग चयन एवं लिंग परीक्षण पूर्णतयाः निषिध है, कोई भी व्यक्ति गर्भवती महिला या उसके रिश्तेदार या किसी अन्य व्यक्ति को गर्भस्थ भ्रूण के लिंग के बारे में न तो शब्दों द्वारा न संकेतों द्वारा या किसी अन्य प्रकार से बतायेगा। ऐसे केन्द्र/क्लीनिक जहां अल्ट्रासाउण्ड मशीन या इमेजिंग मशीन या स्कैनर या अन्य कोई तकनीक उपलब्ध है जिससे गर्भस्थ शिशु का लिंग निर्धारण किया जा सकता है, का पंजीकृत होना अनिवार्य है। लिंग निर्धारण या परीक्षण के सम्बन्ध में कोई विज्ञापन किसी भी माध्यम से नही किया जा सकता है। अधिनियम के प्राविधानों का उल्लंघन के अन्तर्गत कृत्य प्रत्येक अपराध संज्ञेय व अजमानतीय होगा। इस अधिनियम में कारित अपराध के लिए दण्ड का प्रावधान भी किया गया है। आज भी इतने विकसित होने बावजूद भी लोग बेटे और बेटियों में भेद करते है। बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नही है। सबका यह दायित्व है कि यदि कही पर इस अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन होता है तो उसके सम्बन्ध में सक्षम प्राधिकारी को रिपोर्ट करें। इसके अतिरिक्त जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से दी जाने वाली विधिक सहायता के बारे में लोगो को जागरूक किया गया। एडीआर मेकेनिज्म, मध्यस्यता केन्द्र की उपयोगिता व लोक अदालत पर भी प्रकाश डाला गया। चाइल्ड टेªफिकिंग, साम्प्रदायिक सदभाव के सम्बन्ध में भी लोगों को बताया गया। नालसा द्वारा प्रारम्भ की गयी 07 नयी स्कीमों के सम्बन्ध में भी जानकारी प्रदान की गयी।
ओमप्रकाश सिविल जज-प्रवर खण्ड त्वरित न्यायालय द्वारा नववर्ष के उपलक्ष्य में हार्दिक शुभ कामनायें दी,और बताया कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार आज का कार्यक्रंम बालिका दिवस के रूप में मनाये जाने हेतु हम सब एकत्रित हुए है। जब तक हम स्वयं जागृत नही होगे तब तक कानून बनाने से समस्या का समाधान नही हो सकेगा। हमें बेटा और बेटियों में अन्तर नही रखना है, उन्हें समान रूप से देखना है। चूंकि अब बेटियाॅं किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नही है। तहसीलदार मोदीनगर द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी प्रदान की और किसान बीमा योजना, आम आदमी बीमा योजना आदि की जानकारी प्रदान की । इस अवसर पर उपस्थित आमजन को विधिक जानकारी प्रदान करने वाले हैंडबिलों को भी वितरित कराया गया।


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