बोले- पाकिस्तान और चीन दोनों को एकसाथ दे सकते हैं मुंहतोड़ जवाब
नई दिल्ली, ( न्यूज नेटवर्क ) देश के नव नियुक्त आर्मी चीफ बिपिन रावत ने फिर कड़े तेवर दिखाते हुए कहा है कि भारतीय सेना अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान और चीन दोनों को एकसाथ मुंहतोड़ जवाब दे सकती है। सेना प्रमुख बनाए जाने के तीसरे दिन ही जनरल रावत ने आज (सोमवार को) कहा कि भारत दोनों मोर्चों पर दुश्मनों से निपटने में सक्षम है लेकिन वह किसी भी देश से युद्ध नहीं चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हम बीजिंग के साथ टकराव नहीं बल्कि सहयोग का रुख रखना चाहते हैं।
सेना प्रमुख का यह बयान बीजिंग की उस प्रतिक्रिया के बाद आई है जिसमें चीन ने भारत द्वारा अग्नि-5 मिसाइल के प्रक्षेपण पर सवाल खड़े किए थे। अग्नि-5 मिसाइल परमाणु हथियारों से लैस 5000 किलोमीटर तक मार करने की क्षमता रखता है। इस रेंज की जद में चीन और पाकिस्तान का हरेक शहर आता है।
सेना प्रमुख ने कहा कि जहां तक देश की उत्तरी सीमा का प्रश्न है तो वहां भारतीय सेना की कोशिश होती है कि हर हाल में अंतर्राष्ट्रीय सीमा खासकर वास्तविक नियंत्रम रेखा (एलएसी) पर सद्भाव बनाए रखने के तौर-तरीकों और मेकनिज्म के तहत काम किया जाय। उन्होंने कहा कि आज वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चार मीटिंग हुए।
गौरतलब है कि पद भार संभालते ही सेना प्रमुख ने कहा था कि सेना की भूमिका सीमा पर शांति बनाए रखने की है लेकिन वह ‘‘जरूरत पड़ने पर अपनी ताकत का इस्तेमाल करने से नहीं’’ चूकेगी। उन्होंने कहा कि सेना की पूर्वी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल प्रवीण बख्शी और दक्षिणी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल पी एम हारिज सेना में सेवा देते रहेंगे और उसकी एकता बनाए रखेंगे। जनरल रावत ने कहा, ‘‘सेना का काम सीमा पर शांति बनाए रखना है लेकिन जरूरत पड़ने पर वह ताकत का इस्तेमाल करने से नहीं चूकेगी।’’ जनरल रावत ने देश की सेना के 27वें प्रमुख के रूप में शनिवार (31 दिसंबर) को पदभार संभाला था।



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