गाजियाबाद, ( संजय त्रिपाठी ) साहिबाबाद विधानसभा सीट से बीजेपी के उम्मीदवार केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह हो सकते है । बीजेपी के चयन समिति के पास तीन नामों के पैनल में सबसे उपर पंकज सिंह का नाम है ।

बीजेपी के नजर में साहिबाबाद और गाजियाबाद दोनों विधानसभा की सीट की अहमियत सबसे ज्यादा माना जा रहा है । एक केंद्रीय स्तर के वरिष्ठ नेता का कहना है कि इन दोनों सीटों पर हाईकमान की खास नजर है । इन सीटों पर टिकट फाइनल करने को लेकर करीब 3 घंटे तक पार्टी में मंथन होता रहा । अंत में इन दोनों सीटों का निर्णय हाई कमान पर छोड़ दिया गया । खासतौर से इस सीट पर प्रसिद्ध भोजपुरी लोकगीत गायिका मालिनी अवस्थी की दावेदारी आ जाने के कारण खींचतान बढ़ गया है । मालिनी अवस्थी दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष व प्रसिद्ध भोजपुरी गायक मनोज तिवारी की पसंद बताई जा रही है । साथ ही उनकी दावेदारी के लिए इस क्षेत्र में पूर्वाचंल वोटर की संख्या ज्यादा होना भी बताया जाता है । हालांकि गाजियाबाद के पूर्व सांसद व वर्तमान केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह का भी इस क्षेत्र में मजबूत पकड़ बताया जाता है । 2009 के लोकसभा चुनाव में राजनाथ सिंह के जीत में पूर्वांचल की अहम भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता । पंकज सिंह उसी समय से बीजेपी और आरएसएस कार्यकर्ताओं से जूडे रहे । वह काफी समय से ही यहां राजनीति में सक्रीय हैं । बीजेपी के चुनाव समिति के पास तीन नामों का जो लिस्ट गया है उसमें पंकज सिंह, मालिनी अवस्थी और सुनील शर्मा का नाम है । सुनील शर्मा गाजियाबाद विधानसभा क्षेत्र से एक बार विधायक रह चुके है । तब साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र का निर्माण नहीं हुआ था । पिछले चुनाव में नए विधानसभा के रूप में निर्मित साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र से ही उन्हें टिकट मिला था, लेकिन वे दूसरे नंबर पर रहे थे । इस हार में भाजपा कार्यकर्ताओं की नाराजी ही अहम कारण बना था । इसके अलावा संजीव शर्मा और अमरेश शर्मा भी अपनी दावेदारी कर रखे हैं ।
बताया जाता है कि बीजेपी ने पश्चिमी ऊतर प्रदेश के उन सीटों को फाइनल कर लिया है, जिनमें 11 फरवरी को मतदान होना है । लेकिन घोषणा सपा की अन्र्तकलह की शांति के इंतजार में अभी रूका हुआ है । बीजेपी 12 जनवरी को फाइनल टच देने के लिए एक और बैठक कर सकती है, साथ ही प्रत्याशियों की घोषणा सपा - कांग्रेस गठबंधन को ध्यान में रखते हुए 15 जनवरी को कर दिया जायेगा । हालांकि अभी बीजेपी और कांगे्रस की टिकट की घोषणा न होने से अन्य पार्टी के प्रत्याशी भी मैदान में ताल ठोककर नहीं उतरे हैं ।
0 comments:
Post a Comment