भारत के शंघाई को ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन में शामिल होने से चीन का प्रभुत्व कम होगा - astana sco summit pm modi chinese president xi jinping meet





प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में हैं. इस शिखर सम्मेलन में भारत और पाकिस्तान को SCO की पूर्णकालिक सदस्यता दी जानी है. साल 2001 के बाद पहली बार चीन के प्रभुत्व वाले SCO का विस्तार हो रहा है. इसके साथ ही इसकी सदस्य संख्या छह से बढ़कर आठ हो जाएगी. अहम बात यह है कि भारत के इसमें शामिल होने से चीन का प्रभुत्व कम होगा. वहीं, बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की.

इस दौरान पीएम मोदी ने SCO में भारत की सदस्यता के लिए समर्थन और प्रयास करने के लिए चीनी राष्ट्रपति का शुक्रिया अदा किया. हाल ही में सीमा विवाद और वन बेल्ट वन रोड परियोजना को लेकर दोनों देशों के बीच पैदा हुए मतभेद के मद्देनजर यह मुलाकात बेहद अहम है. भारत ने वन बेल्ट वन रोड समिट का बहिष्कार किया था. हालांकि इसमें दुनिया के 29 देशों के प्रमुखों ने हिस्सा लिया था. वन बेल्ट वन रोड समिट के बहिष्कार के बाद दोनों देशों के बीच यह पहली मुलाकात है. इससे पहले पीएम मोदी ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ से मुलाकात की.

चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स का कहना है कि SCO में भारत और पाकिस्तान के एक साथ शामिल होना बेहद अहम है. SCO जरिए भारत और पाकिस्तान एक मंच पर आएंगे. इससे दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद और मतभेद सुलझाने में मदद मिलेगी. अस्ताना में पीएम मोदी के अलावा पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ भी पहुंचे हुए हैं. बृहस्पतिवार को दोनों नेताओं के बीच मुलाकात भी हुई. अब पीएम मोदी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात कर सकते हैं. अस्ताना में आयोजित यह समिट भारत समेत दूसरे देशों के लिए बेहद अहम है. विशेषज्ञों का मानना है कि SCO में भारत के शामिल होने से चीन का प्रभुत्व कम होगा.

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