कोलकाता: टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली और कोच अनिल कुंबले के बीच मतभेद को लेकर खबरों का दौर अब भी जारी है, जबकि कुंबले को पद छोड़े हुए कई दिन हो गए हैं. ताजा बयान अनिल कुंबले की कोच के पद पर ताजपोशी करने वाली बीसीसीआई की क्रिकेट सलाहकार समिति के सदस्य सौरव गांगुली का आया है. टीम इंडिया के सफलतम कप्तानों में से एक गांगुली ने टीम इंडिया के पूर्व डायरेक्टर रवि शास्त्री के कोच पद के लिए आवेदन करने पर भी टिप्पणी की है.
सौरव गांगुली के बयान ने सबको इसलिए सकते में डाल दिया है क्योंकि माना जा रहा था कि क्रिकेट सलाहकार समिति जिसमें गांगुली के अलावा सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण भी शामिल हैं, उसने विराट कोहली और अनिल कुंबले से बात करके विवाद को सुलझाने की कोशिश की थी. हालांकि अब गांगुली के बयान से ऐसा लगता है कि इस विवाद का हल निकालने में उनकी भूमिका नहीं रही है.
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली ने मंगलवार को कहा कि पूर्व कोच अनिल कुंबले और कप्तान विराट कोहली के बीच मतभदों को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) सही तरीके से सुलझाने में नाकाम रहा. उन्होंने यह भी कहा कि जिसे यह जिम्मेदारी दी गई थी, उसने अपना काम सही ढंग से नहीं किया.'
क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) के सदस्य गांगुली ने कहा, 'अनिल कुंबले और विराट कोहली के बीच के विवाद को और बेहतर तरीके से सुलझाया जा सकता था. जिस पर भी यह जिम्मेदारी थी उसे दोनों के बीच और बेहतर तरीके से विवाद को सुलझाना चाहिए था.'
वास्तव में क्रिकेट सलाहकार समिति ने ही वीटो का इस्तेमाल करते हुए कोच अनिल कुंबले की नियुक्ति की थी. उस समय भी विराट कोहली कुंबले के पक्ष में नहीं थे. उस समय सौरव गांगुली और रवि शास्त्री में काफी कहासुनी हुई थी. शास्त्री ने मीडिया में गांगुली पर कई टिप्पणियां की थीं. फिर गांगुली ने भी जवाब दिया था.



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