पाकिस्तान की जीत पर जश्न मनाने वाले गिरफ्तार तीन लोगों को नहीं मिलेगी जमानत - no bail for karnataka men caught bursting crackers after pak cricket win





बेंगलुरू: पिछले रविवार को आईसीसी चैम्पियन्स ट्रॉफी 2017 के फाइनल मुकाबले में भारत के खिलाफ पाकिस्तान की जीत पर जश्न मनाने के लिए पटाखे फोड़ने पर कर्नाटक के कोडागू जिले में गिरफ्तार किए गए तीन लोगों पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया गया है. पुलिस का कहना है कि इन लोगों को ज़मानत नहीं मिल पाएगी, क्योंकि यह अपराध गैर-ज़मानती अपराधों की श्रेणी में आता है.

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के दो कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज करवाए जाने के बाद सोमवार को ये गिरफ्तारियां सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाकों में शुमार किए जाने वाले कोडागू जिले में की गई थीं. गिरफ्तार किए गए लोगों के परिवार वालों का कहना है कि वे पाकिस्तान की भारतीय क्रिकेट टीम पर जीत का जश्न मना रहे थे. पिछले रविवार को पाकिस्तानी टीम ने टीम इंडिया को 180 रन से मात देकर पहली बार आईसीसी चैम्पियन्स ट्रॉफी का खिताब जीता था.

कोडागू के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि ये लोग कुशलनगर और सोन्टीकोप्पा के बीच हाईवे पर पटाखे चला रहे थे. उन्होंने कहा, "इस हरकत की वजह से सांप्रदायिक तनाव फैल जाने का आशंका थी, इसलिए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया..." गिरफ्तार किए गए तीनों लोग ज़हीर, रियाज़ और अब्दुल सम्माद जेल में हैं, जबकि इनका चौथा साथी मुनीर फरार है.

मध्य प्रदेश में भी पाकिस्तानी टीम की हौसलाअफज़ाई करने के लिए 15 लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ देशद्रोह का सख्त आरोप लगाया गया था. हालांकि राज्य सरकार ने अब उन आरोपों को वापस ले लिया है, और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने का आरोप लगाया है.

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के प्रमुख द्वारा इस मुद्दे पर सख्त टिप्पणी किए जाने के बाद पाकिस्तान के प्रशंसकों की धरपकड़ की गई है. पिछले ही महीने आयोग के अध्यक्ष बनाए गए गैरुल हसन रिज़वी ने कहा था कि जो लोग पाकिस्तान की जीत का जश्न बना रहे हैं, उन्हें पकड़कर पाकिस्तान भेज दिया जाना चाहिए.

उत्तर प्रदेश में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा था, "हिन्दुस्तान में कुछ लोगों ने पाकिस्तान की जीत की बराबरी ईद से की है... जो पाकिस्तान की जीत से खुश होते हैं, उन्हें वहीं जाकर रहना चाहिए, क्योंकि उनके दिल वहीं बसते हैं..."

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