7वें वेतन आयोग से संबंधित भत्तों में संसोधन स्वीकार, 48 लाख सरकारी कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा - know how minimum hra fixation to benefit more than 7-5 lakh govt employees





नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी की अध्यक्षता में 7वें वेतन आयोग से संबंधित भत्तों में संसोधन को स्वीकार कर लिया गया है. इस संशोधन के बाद 48 लाख सरकारी कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा. कर्मचारी उम्मीद कर रहे हैं कि जुलाई की उनकी सैलरी में बढ़ा हुआ एचआरए जुड़कर आएगा. HRA में हुए संशोधन के अनुसार कर्मचारियों को 106 से 157 फीसदी तक HRA मिलेगा. चूंकि न्‍यूनतम वेतन 18,000 रुपए है इसलिए शहर के आधार पर कम से कम 5400, 3600 और 1800 रुपए से कम एचआरए नहीं मिलेगा. इससे करीब 7.5 लाख कर्मचारियों को फायदा होगा.



7वें वेतन को लेकर हुई केंद्रीय कैबिनट की बैठक में कुल 34 सिफारिशों को मंजूरी दे दी गई है. सरकार ने यह फैसला लिया कि नए बेसिक पे का 24%, 16% और 8% बतौर एचआरए दिया जाएगा. शहर के आधार पर एचआरए का प्रतिशत तय किया जाएगा. 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के वेतन में मकान का किराया भत्ता एक्स, वाई, जेड श्रेणी के शहरों के लिए क्रमश: 24 प्रतिशत, 16 प्रतिशत और आठ प्रतिशत तक किया है. एक्स, वाई, जेड शहरों के लिए एचआरए क्रमश: 5400 रुपये, 3600 रुपये और 1800 रुपये से कम नहीं होगा.



इसका सीधा फायदा कम वेतन वाले कर्मचारियों को होगा क्योंकि अब एचआरए कम से कम निर्धारित हो गया है. यानि लेवल वन में 18000 बेसिक वाले कर्मचारी को पहले जहां पहले एक्स सिटी में 4320 का एचआरए मिलता था वो अब 1080 बढ़कर 5400 मिलेगा. वहीं इसी कैटेगरी (18000 बेसिक) में वाई श्रेणी के शहर में जो एचआरए पहले 2880 था अब न्यूनतम 3600 रुपये हो गया है यानि यहां भी कर्मचारी को 720 रुपये का फायदा होगा. वहीं इसी कैटेगरी (18000 बेसिक) जेड श्रेणी के शहर में जो एचआरए पहले 1440 था वो अब न्यूनतम 1800 कर दिया गया है. यानि यहां भी कर्मचारी को 360 रुपये का फायदा हुुआ है.



दूसरे लेवल की बात करें तो यहां 19,900 के बेसिक पर X कैटेगरी सिटी में पहले एचआरए 4776 था जो कि अब न्यूनतम 5400 रुपये कर दिया गया है. यानि 624 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. वहीं इसी लेवल के बेसिक पर Y कैटेगरी सिटी में पहले 3184 रुपये एचआरए मिलता था जो कि अब न्यूनतम 3600 रुपये कर दिया गया है. इससे 416 रुपये की बढ़ोतरी हुई है.  19,900 के बेसिक पर Z कैटेगरी सिटी में पहले 1592 का एचआरए था जो कि अब न्यूनतम 1800 कर दिया है. इस श्रेणी के कर्मचारी को यहां 208 रुपये का फायदा हुआ है.



तीसरे लेवल में 21,700 के बेसिक को रखा गया है इसमें  X कैटेगरी सिटी में पहले एचआरए 5208 था जो कि अब न्यूनतम 5400 रुपये कर दिया गया है. यानि192 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. वहीं इसी लेवल के बेसिक पर Y कैटेगरी सिटी में पहले 3472 रुपये एचआरए मिलता था जो कि अब न्यूनतम 3600 रुपये कर दिया गया है. इससे 128 रुपये की बढ़ोतरी हुई है.  21,700 के बेसिक पर Z कैटेगरी सिटी में पहले 1736 का एचआरए था जो कि अब न्यूनतम 1800 कर दिया है. इस श्रेणी के कर्मचारी को यहां 34 रुपये का फायदा हुआ है.



वर्तमान में एक्स कैटेगरी वालों (जिस शहर की आबादी 50 लाख या उससे अधिक है) को 30 प्रतिशत एचआरए मिलता है. वहीं वाई कैटेगरी वालों को 20 प्रतिशत एचआरए है, वाई कैटेगरी में वह शहर आते हैं, जहां की आबादी 5 से लेकर 50 तक है. इसी तरह सबसे कम एचआरए 10 प्रतिशत, जेड कैटेगरी वालों को मिलता है. जहां 5 लाख से कम जनसंख्या निवास करती है. कैबिनेट मीटिंग के बाद हुई प्रेस ब्रीफिंग में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि संसोधन 27 अप्रैल को सीओए द्वारा दिए गए सुझावों पर आधारित है. 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों की स्क्रीनिंग के लिए सचिवों के अधिकार प्राप्त समिति का गठन किया गया है.

कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनभोगियों के लिए भी निर्धारित चिकित्सा भत्ता 500 रुपये प्रति महीने से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है. आपको बता दें कि 29 जून को कैबिनट बैठक में 7वें वेतन आयोग की 34 सिफारिशों को मंजूरी दे दी गई थी. इस निर्णय से सरकार पर प्रतिवर्ष 30,748 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा.

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