तबादला घोटाला : बिचौलिये ने जमानत मांगी Transfer scam: middleman asks for bail



नयी दिल्ली,  (भाषा) पसंद की पोस्टिंग के लिए रिश्वत देने के एक मामले में खुफिया ब्यूरो और दिल्ली पुलिस के दो अधिकारियों के साथ गिरफ्तार किया गया एक कथित बिचौलिया जमानत की मांग को लेकर आज विशेष अदालत पहुंचा।

अरुण तिवारी ने विशेष न्यायाधीश विरेंद्र कुमार गोयल के सामने अपनी अर्जी लगायी, जिन्होंने अर्जी पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से 19 सितंबर तक जवाब मांगा।

अदालत ने दिल्ली पुलिस के अधिकारी बनय सिंह मीना की जमानत अर्जी पर दलीलें भी 19 सितंबर को अगली सुनवाई के दिन सुनने का फैसला किया।

अपनी जमानत अर्जियों में दोनों ने अदालत से कहा कि जांच के लिए अब उनकी जरुरत नहीं रह गयी है तथा उन्हें हिरासत में और समय तक रखने से किसी उद्देश्य की पूर्ति नहीं होगी।

तिवारी और मीना फिलहाल आईबी के सहायक निदेशक कामेश्वर और दूसरे कथित बिचौलिये राजन कुमार के साथ न्यायिक हिरासत में हैं।

अदालत ने चारों आरोपियों को 19 अगस्त को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, क्योंकि सीबीआई ने कहा था कि उन्हें हिरासत में रखकर और पूछताछ करने की जरुरत नहीं है। चारों के विरुद्ध नौ अगस्त को आपराधिक साजिश और अवैध रिश्वत आदि को लेकर मामला दर्ज किया गया था।

एजेंसी ने दावा किया था कि दिल्ली में आरोपियों के कई परिसरों की उसने तलाशी ली। एजेंसी के अनुसार, ‘‘जांच के दौरान सीबीआई ने आरोपियों को पकड़ा और इन व्यक्तियों के पास से करीब 10 लाख रुपये की कथित रिश्वत राशि जब्त की। ’’ एजेंसी के अनुसार कहा, ‘‘यहां कुमार के परिसर की तलाशी के दौरान करीब 1.6 करोड़ रुपये, भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों/ विभागों के रबर स्टैंप, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के फर्जी लेटरहेड और अन्य अभियोजनयोग्य दस्तावेज मिले। ’’


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