इलाहाबाद : इलाहाबाद नगर निगम ने प्रख्यात कवियित्री महादेवी वर्मा को उनके निधन के 30 साल बाद नोटिस भेजा है. निगम के हाउस टैक्स विभाग ने उनके नाम एक नोटिस जारी कर कहा है कि वह खुद हाजिर होकर अशोक नगर के नेवादा स्थित अपने मकान का बकाया 44,816 रुपये का हाउस टैक्स जमा कराएं, वरना उनकी प्रोपर्टी को अटैच कर लिया जाएगा.
टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित खबर के अनुसार, 4 नवंबर 2017 की तारीख के इस नोटिस को पांडे परिवार को दिया गया, जोकि मौजूदा वक्त में इस घर में रहते हैं. निधन से दो साल पहले महादेवी वर्मा ने एक ट्रस्ट साहित्य सहकार न्यास की स्थापना की थी और अपने 327/114 नेवादा स्थित घर सहित सारी संपत्ति को उसे दान कर दिया था.
मौजूदा वक्त में रामजी पांडे की पत्नी रानी पांडे अपने बच्चों के साथ इस मकान में रहती हैं. सतना के कोठी के रहने वाले उनके ससुर गंगा प्रसाद पांडे काफी लंबे समय पहले इस घर में आकर रहने लगे थे. रानी पांडे ने कहा कि मैं महादेवी जी के साथ काफी समय तक रही. हम ट्रस्ट के कामकाज को देख रहे हैं. मेरे पति ने 1998 तक इस मकान का हाउस टैक्स भर दिया था, लेकिन इसके बाद हमें कोई भी बिल नहीं भेजा गया, अब शुक्रवार को यह नोटिस मिला है.
रानी के बड़े बेटे बृजेश ने कहा कि चूंकि मेरे पिता ने निगम में इस घर को ट्रस्ट को दान करने और इसी के अनुसार नामांतरण करने का आवेदन दिया था. लिहाजा हमें लगा कि हमें हाउस टैक्स से छूट मिल गई है और अब हमें नोटिस मिला है. हम आश्चर्यचकित हैं कि इलाहाबाद नगर निगम ने महादेवी जी को खुद हाजिर होने को कहा है. उधर, निगम के अधिकारियों का कहना है कि हमने नोटिस भेजकर कुछ भी गलत नहीं किया है.
मुख्य कर मूल्यांकन अधिकारी पीके मिश्रा ने कहा है कि हमारे रिकॉर्ड के अनुसार यह घर महादेवी वर्मा के नाम हैं और उसी के अनुसार हमने उनके नाम पर नोटिस भेजा है. घर में रहने वाले मौजूदा लोगों ने कभी भी यह आवेदन नहीं किया कि यह ट्रस्ट की प्रॉपर्टी है और न ही इसकी सूचना दी. उन्होंने आगे कहा कि अगर वे आवेदन करते हैं तो हम इसे सदन में रखेंगे, जिसके पास हाउस टैक्स से छूट दिए जाने का अधिकार है.



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