बाजार में लगातार जारी गिरावट की वजह बताया केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने - finance minister arun jaitley on indian stock market falling





नई दिल्ली : केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को कहा कि बाजार में लगातार जारी गिरावट की वजह आम बजट में शेयरों में कमाई पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स (एलटीसीजी) लगाया जाना नहीं बल्कि वैश्विक कारक हैं. जेटली का बयान ऐसे समय में आया है, जब शेयर बाजार में नवंबर 2016 के बाद से शुक्रवार को सबसे भारी गिरावट दर्ज की गई थी. आम बजट 2018-19 में शेयरों से कमाई पर एलटीसीजी कर दोबारा लगाए जाने के ऐलान के बाद बाजार लुढ़के थे. शुक्रवार के कारोबार में सेंसेक्स में 800 अंकों से अधिक की एकदिनी गिरावट हुई थी जबकि निफ्टी सूचकांक में 200 से अधिक गिरावट दर्ज की गई थी.



जेटली ने बताया, 'शेयर बाजार में यह गिरावट बजट या एलटीसीजी की वजह से नहीं है. डॉव जोंस में भी दो फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज हुई है.' जेटली शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार के सूचकांक डॉव जेंस में भारी गिरावट का उल्लेख कर रहे थे, जहां डॉव जोंस इंडिस्ट्रयल एवरेज शुक्रवार को 665.75 अंकों यानी 2.75 फीसदी की गिरावट के साथ 25,520,96 पर बंद हुआ था. बीएसई के सेंसेक्स में सोमवार को भी गिरावट जारी रही. सोमवार के कारोबार में सेंसेक्स लगभग 550 अंकों की गिरावट के साथ 34,520 पर रहा. पूर्वाह्न 11.15 बजे सेंसेक्स 34,737 पर रहा.


इससे पहले राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा कि दुनियाभर के शेयर बाजार गिरावट के दौर से गुजर रहे हैं. भारतीय शेयर बाजार में चल रही गिरावट एलटीसीजी के कारण नहीं है. उन्होंने कहा यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स ऐसे समय में लागू हुआ है जब दुनियाभर के शेयर बाजार गिरावट के दौर से गुजर रहे हैं. एमएससीआई इंडेक्स में पिछले सप्ताह सभी देशों के शेयर बाजार में 3.4 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई.


अधिया ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार में जारी गिरावट कुछ समय के लिए है. जल्द ही बाजार इससे उबर जाएगा. ऐसे में यह कहना गलत होगा कि भारतीय शेयर बाजार पर LTCG का असर है. अधिया ने यह भी कहा कि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स के रूप में 10 प्रतिशत कर एक रियायती दर है.



शेयरों, इक्विटी और रियल एस्टेट को एक निश्चित समय तक रखने के बाद उनसे कमाए मुनाफे पर लगने वाले टैक्स को एलटीसीजी यानी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स कहा जाता है. इस बार बजट में वित्त मंत्री ने एलटीसीजी का ऐलान किया. इसके बाद जिन निवेशकों ने शेयरों या म्यूचुअल फंड को एक साल से ज्यादा समय तक रखने के बाद 1 लाख रुपये से ज्यादा का मुनाफा कमाया है उन्हें 10 फीसदी की दर से टैक्स देना होगा. अभी तक शेयरों, म्यूचुअल फंड की कमाई एलटीसीजी टैक्स से मुक्त थी. साल 2004-2005 में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स को तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने हटा लिया था.



बजट में प्रस्ताव किया गया है कि एलटीसीजी 31 मार्च के बाद के मुनाफे पर लगाया जाए. इसका मतलब है कि मार्च तक बेचे गए शेयर पर आपको कोई एलटीसीजी नहीं देना होगा. इससे साफ है कि अगर मार्च तक आप 1 साल के रखे हुए शेयर बेचते हैं तो आपको टैक्स नहीं देना होगा. साथ ही एक वित्त वर्ष में अगर एलटीसीजी लगेगा तो वो 1 लाख रुपये से ऊपर के मुनाफे पर लगेगा. तो अगर एक निवेशक ने 1.5 लाख रुपये का लॉन्ग टर्म गेन कमाया है तो एलटीसीजी केवल 50,000 रुपये पर लगेगा.
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