ISI के लिए जासूसी करने और गोपनीय दस्तावेज मुहैया कराने के आरोप में गिरफ्तार IAF के अफसर - iaf officer arrested for leaking info to isi lured through chats





नई दिल्ली: पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने और गोपनीय दस्तावेज मुहैया कराने के आरोप में गिरफ्तार भारतीय वायुसेना (IAF) के अफसर अरुण मारवाह को हनी ट्रैप में फंसाए जाने की जानकारी मिली है. सूत्रों के अनुसार कुछ महीने पहले ISI के एक एजेंट ने लड़की बनकर मारवाह से संपर्क किया था.


जानकारी के मुताबिक, बीते वर्ष दिसंबर में आईएसआई एजेंट ने दो फेसबुक अकाउंट के जरिए मारवाह से संपर्क बढ़ाया. यह दोनों ही फेसबुक अकाउंट लड़कियों के नाम से थे, जिन्हें मॉडलिंग के पेशे से जुड़ा दर्शाया गया था.



फेसबुक से यह दोस्ती आगे बढ़ी तो भारतीय वायुसेना में ग्रुप कैप्टन अरुण मारवाह के साथ लड़की बना आईएसआई एजेंट सेक्स चैट करने लगा. दोनों एक दूसरे को अश्लील मैसेज भेजते थे. जानकारी के मुताबिक, दोनों के बीच करीब सप्ताह भर से अधिक समय तक सेक्स चैट का यह सिलसिला चला.

फिर लड़की बन पूरी तरह अपने जाल में फंसाने के बाद आईएसआई एजेंट ने मारवाह से गोपनीय दस्तावेज मांगे. आरोप है कि पूरी तरह हनीट्रैप का शिकार हो चुके मारवाह ने अपने मोबाइल से वायुसेना मुख्यालय में अहम दस्तावेजों की तस्वीरें निकालीं और व्हाट्सऐप के जरिए लड़की बने आईएसआई एजेंट को भेजे.



जानकारी के मुताबिक, इन अहम दस्तावेजों में ट्रेनिंग और युद्ध संबंधी तैयारियों की जानकारियां भी शामिल हैं. सूत्रों के मुताबिक, मारवाह द्वारा आईएसआई को भेजे गए दस्तावेजों में गगन शक्ति नाम से किए गए कॉम्बैट एक्सरसाइज से जुड़ी जानकारियां भी शामिल हैं.

कुछ हफ्ते पहले एयरफोर्स के वरिष्ठ अधिकारी को जब इसकी भनक लगी मारवाह के खिलाफ आंतरिक जांच बिठा दी गई. करीब 10 दिन तक चली जांच में मारवाह की जासूसी में संलिप्तता पाई गई. इसके बाद दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक से मारवाह की शिकायत की गई.

पटनायक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पेशल सेल को इसकी जांच सौंप दी. स्पेशल सेल ने गुरुवार सुबह मुकदमा दर्ज कर मारवाह को गिरफ्तार कर लिया. साथ ही दोपहर बाद पटियाला हाउस कोर्ट स्थित मुख्य महानगर दंडाधिकारी दीपक सहरावत की अदालत में पेश कर उन्हें पांच दिन की रिमांड पर ले लिया.

स्पेशल सेल ने आरोपी का मोबाइल जब्त कर लिया है. स्पेशल सेल उनसे पूछताछ कर लड़की बनकर भेंट करने वाले आइएसआइ एजेंट व कौन-कौन से गोपनीय दस्तावेज उसे मुहैया कराए गए हैं, इस बारे में पता लगा रही है.



बताते चलें कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI भारत में जासूसी करने के लिए हनीट्रैप का सहारा ले रही है. इसमें जवानों को मोहरा बनाया जा रहा है. साल 2015 में रंजीत केके नाम के एक एयरमैन को अरेस्ट किया गया था.

बर्खास्त होने से पहले वह बठिंडा बेस पर तैनात था. उसे दिल्ली पुलिस के अपराध शाखा, सैन्य खुफिया और वायुसेना यूनिट ने ज्वाइंट ऑपरेशन चलाकर पकड़ा था. उसे एक पाकिस्तानी लेडी एजेंट ने अपने जाल में फंसाया था.

इसी छानबीन में पता चला है कि मामले की शुरुआत फेसबुक चैटिंग से हुई थी. पाकिस्तानी एजेंट उससे फेक फेसबुक अकाउंट के जरिए बातचीत करती थी. पाकिस्तानी महिला एजेंट ने रंजीत को जॉब ऑफर करने के बहाने संपर्क किया था.

दोनों के बीच बातचीत फेसबुक, स्काइप और व्हाट्सएप पर हुई थी. इस दौरान रंजीत ने ऐसी कई गुप्त जानकारियां एजेंट को दे दीं, जो सेना के लिहाज से अहम थीं. उसने विमानों की सटीक संख्या का खुलासा कर दिया था.


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