साहिबाबाद, ( संवाददाता ) संत रविदास ने समाज की कुरीतियों के कारण निर्माण हुई असमानता कि खाई को दूर करने का महान कार्य किया है। उनका कथन ‘ मन चंगा तो कठौती में गंगा’, सभी वर्गो को बहुत कुछ सीखने की प्रेरणा देता है। उक्त विचार स्वामी विवेकानंद विद्या मंदिर राजेन्द्र नगर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समरसता विभाग द्वारा आयोजित गोष्ठी में अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय प्रशिक्षण प्रभारी श्री शांत प्रकाश जाटव जी ने रखे।
संत शिरोमणि श्री रविदास जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के सभी वर्गो से लोगो ने भाग लिया और समाज में व्याप्त अस्पृश्यता व जात-पात को दूर करने पर बल दिया।
संघ के सह प्रांत समरसता संयोजक श्री श्याम बिहारी ने कहा कि हिन्दू धर्म सभी के लिए समान है। ‘ न हिन्दू पतितो भवते, हिंदुवरू सोदरा सर्वे।’ हिन्दू कभी भी निम्न या छोटा नहीं हो सकता । सभी हिन्दू आपस मंे सगे भाई है।
इस अवसर पर संघ महानगर कार्यवाह यतेंद्र मलिक ने भी अपने विचार रखे। साथ ही प्रबुद्ध जन में उपस्थित श्रीमती आशा किरण जी प्राचार्य व बलजीत जी ने भी अपने विचार प्रकट किए। कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ अनिल राघव सभी का आह्वान किया कि समाज सुधार के लिए सभी को नारो और भाषणों से आगे बढ़कर ठोस प्रयत्न करने होंगे। देश विरोधी ताकतें समाज को बांटने मंे लगी है लेकिन हमें उसको पहचान कर और मिलकर सामना करना होगा। इस अवसर पर संघ के महानगर सामाजिक समरसता संयोजक श्री जयभगवान, विभाग सेवा प्रमुख श्री कैलाश राघव एवम् भाग सामाजिक समरसता संयोजक डॉ प्रियांक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।




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