2019 चुनाव तो छोड़िए, बनारस भी हार सकते हैं नरेंद्र मोदीः राहुल गांधी 2019 Elections can be left out, Banaras can also lose Narendra Modi: Rahul Gandhi



विपक्षी एकता पर अपना भरोसा जताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं जीत पाएगी और उनके खिलाफ अगर सपा और बसपा एकजुट हो गई तो मोदी भी बनारस से अपनी सीट हार सकते हैं।

बेंगलुरू, ( शांतिदूत न्यूज नेटवर्क )  कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज (08 अप्रैल को) बेंगलुरु में कहा कि अगर विपक्ष एकजुट हो जाय तो भाजपा 2019 का चुनाव नहीं जीत पाएगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बनारस की अपनी सीट पर हार का सामना कर सकते हैं। विपक्षी एकता पर अपना भरोसा जताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं जीत पाएगी और उनके खिलाफ अगर सपा और बसपा एकजुट हो गई तो मोदी भी बनारस से अपनी सीट हार सकते हैं। विभिन्न निजी, क्षेत्रीय आंकाक्षाओं के बावजूद गठबंधन बनाने और इसे संभालने के प्रति गांधी ने भरोसा जताया।

‘दलित आक्रोश’’ पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘साफ कहूं तो मुझे नहीं लग रहा कि भाजपा अगला चुनाव जीतेगी।’’ गांधी ने मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा, ‘‘क्योंकि दो चीजें है, विपक्षी एकता खास स्तर तक हो जाए तो चुनाव जीतना असंभव हो जाएगा। अभी विपक्षी एकजुटता एक बिंदु तक पहुंची है। यह सामान्य है।’’ हरेक दल और उनके नेताओं की अलग अलग आकांक्षा के बीच विपक्षी एकजुटता बनाने की कोशिश को लेकर संदेह संबंधी सवाल पर गांधी ने विश्वास जताया कि इसका समाधान हो जाएगा।

उधर, कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अगर उनकी पार्टी केंद्र में सत्ता में आयी तो वह कनार्टक से सीखेगी कि किस तरह सफाई कर्मचारियों का सम्मान किया जाता है। गांधी कर्नाटक की यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने सफाई कर्मचारियों से संवाद किया। मेयर आर संपत राय के साथ मौजूद मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने गांधी से कहा कि सफाई कर्मचारियों का वेतन 7500 से बढ़ाकर 18000 रूपये कर दिया गया। राहुल इन दिनों कर्नाटक में जन आशीर्वाद यात्रा पर हैं।

राहुल ने उत्तर प्रदेश, बिहार में सपा-बसपा और राजद-कांग्रेस की दोस्ती, तमिलनाडु में डीएमके-एनसीपी-टीएमसी की दोस्ती की चर्चा करते हुए पूछा कि इनमें से बीजेपी कहां है? उन्होंने कहा कि राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात, हरियाणा में हम जल्द ही कब्जा करने जा रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने विपक्षी एकता के मद्देनजर थर्ड फ्रंट की संभावनाओं के खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि आरएसएस और बीजेपी द्वारा फैलाए गए नफरत की राजनीति से लोग उब चुके हैं, इसलिए एकजुट होकर राजनीतिक शुचिता स्थापित करना चाहते हैं।



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