अपने भारत विरोधी बयान पर एक के बाद एक जमकर भारतीयों के गुस्से का सामना करने के बाद पाकिस्तानी क्रिकेटर शाहिद अफरीदी अब अजोबोगरीब बयानबाजी पर उतर आए हैं. उन्होंने आईपीएल को लेकर एक हास्यास्पद बयान भी दे डाला. उनका कहना है कि उनका पीएसल सबसे बड़ा है और वह जल्द ही आईपीएल को पीछे छोड़ देगा. अफरीदी ने हाल ही में एक ट्वीट में कश्मीर को लेकर विवादास्पद बयान दिया था जिसके बाद भारत की ओर से तमाम क्रिकेटरों ने उनकी जमकर खबर ली थी.
अफरीदी ने कहा कि उनकी आईपीएल में खेलने की कोई इच्छा नहीं है. उन्होंने कहा “मैं आईपीएल में नहीं खेलना चाहूंगा. मेरा पीएसएल सबसे बड़ा है. जल्द ही वह आईपीएल को पीछे छोड़ देगा. मुझे पीएसएल में खेलने में मजा आ रहा है. मुझे किसी आईपीएल की जरूरत नहीं है. मुझे इसमें कभी इंटरेस्ट नहीं था. कभी 2008 में हैदराबाद डेक्कन चार्जर्स की ओर से खेल चुके अफरीदी की खिसियाहट इस हद तक थी कि वे यहां तक कह गए कि अगर बुलावा भी आए तो वे आईपीएल में खेलने नहीं जाएंगे. उनकी आईपीएल में कभी भी दिलचस्पी नहीं थी
दरअसल शाहिद आफरीदी ने जब से कश्मीर को लेकर ट्वीट किया है, तब से भारत की ओर से तमाम क्रिकेटरों ने उनकी जमकर खबर ली है. अब उन्होंने पाकिस्तानी वेबसाइट पाक पेशन से कहा, मैं अपने देश का सिपाही हूं. मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मेरे बारे में लोग क्या कह रहे हैं. मेरे लिए पाकिस्तान ही सब कुछ है. यदि मैं एक क्रिकेटर नहीं होता तो मैं आर्मी में सिपाही होता.
कुछ दिन पहले ही अफरीदी एक बयान में यह कह चुके हैं पाकिस्तान को पीएसएल में भारतीय खिलाड़ियों को आमंत्रित करना चाहिए. मजे की बात तो यह है कि जब आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाड़ियेां के खेलने पर रोक लगी थी, तो वहीं के लोग सबसे ज्यादा उखड़े थे और मांग की गई थी कि क्रिकेटरों को आईपीएल में खेलने देना चाहिए.
आफरीदी भले कुछ भी कहते रहें, लेकिन हकीकत कुछ और है. भारत के पाकिस्तान के साथ न खेलने से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड करीब करीब कंगाल होने की स्थिति में है. जब से भारत ने द्वपक्षीय सीरीज खेलने से मना किया है. तब से उसे करोड़ों का नुकसान हो चुका है. वह लगातार बीसीसीआई से मैच खेलने की गुहार लगा रहा है.
सबसे पहले शाहिद अफरीदी ने अपने ट्वीट में कहा था, "कश्मीर में हालत चिंताजनक हैं. आत्मनिर्णय और आजादी की आवाज को दबाने के लिए निर्दोषों को मारा जा रहा है. आश्चर्य है कि इसको रोकने के लिए यूएन और अन्य संगठन कोई कदम नहीं उठा रहे हैं." इसके बाद भारतीयों की नाराजगी झेलने के बाद उन्होंने बाद में ‘डैमेज कंट्रोल’ के तहत एक और ट्वीट भी किया लेकिन उस ट्वीट को तवज्जो नहीं मिली.



0 comments:
Post a Comment