खुल्लम - खुला
भगवान की माया भगवान ही जाने । कब किस पर मेहरबान हो जायेंगे और कब किसको दूर फेंक देंगे, यह सिर्फ वही जानते हैं। प्रयास तो सभी करते हैं कि भगवान प्रसन्न रहें, लेकिन वे प्रसन्न कुछ लोगों पर ही होते है। आज कल सभी पार्टियां भगवान को प्रसन्न करने में ही लगी है। कांग्रेस के युवराज तो बकायदा भोले शंकर को प्रसन्न करने के लिए मानसरोबर की यात्रा पर निकले हुए हैं। वे भगवान को प्रसन्न करने में लगे हैं, लेकिन भगवान को पेटेंट कराने वाली पार्टी के पेट में मरोड़ उठ रहा है। इसे लग रहा है कि हिन्दुस्तान के हिन्दुओं के भगवान का पेटेंट तो उनके पार्टी के नाम है और कांग्रेस वाले इस पर अपना अधिकार जमा रहे है। होना भी चाहिए, आखिर हिन्दुस्तान में हिन्दुओं की संख्या ज्यादा है। यहां के हिन्दुओं के 33 कोटी देवताओं पर उसी पार्टी का कब्जा हो सकता है, जो हिन्दुओं के हित में काम कर रहा हो। दूसरा इस पर अपना अधिकार कैसे जमा सकता ? अयोध्या के श्री राम मंदिर का ताला किसी ने भी खुलवाया हो इस पर राजनीति किस पार्टी ने किया? भगवान श्री राम की रथयात्रा किस पार्टी ने सबसे पहले निकाल सत्ता की सीढ़ियां चढ़ी? किस पार्टी ने जन्मस्थल पर मंदिर बनाने का संकल्प ले रखा है? हिन्दुस्तान के हिन्दू किस पार्टी के तरफ सबसे ज्यादा है? फिर तो पेटेंट उस पार्टी का होना स्वभाविक है। उसके पेट में मरोड़ नहीं होगा तो क्या तुम्हारे पेट में मरोड़ होगा ? उस पार्टी के एक नेता का कहना है कि सीता जी घड़ा से पैदा हुई, यह आज के बेबी ट्यूब की टेक्नोलाॅजी उसी की देन है। इसका भी अधिकार उसी पार्टी को है, दूसरी पार्टी वाले ऐसी बात कह कर देख लें, अभी माॅब लिंचिंग शुरू हो जायेगा। कई बार ऐसा हुआ भी है। अभी भी लोग खार खाए बैठे हैं। हिन्दुस्तान में रहना है तो बंदे मातरम कहना है। सही है ऐसा ही होना चाहिए। यहां धर्मनिरपेक्षता नहीं चलेगी। यहां देश का संविधान नहीं चलेगा। यहां बहुसंख्यकों की बात चलेगी। आज कल रोज कालोनियों में अवारा कुत्तों के काटने का मामला सुर्खियों में चल रहा है। गांवों के तरफ किसानों को निलगायों से सबसे ज्यादा परेशानी होती है। कुछ जगहों पर शहरों व गांवों में शेर, चीता व बाघ घूस आते है। कई जगह लोग उन्हें घेर कर मार भी देते है। लोगों को ऐसा नहीं करना चाहिए। आप नहीं जानते कि हमारे देश के सभी पशु, जानवर कीड़े - मकोड़े किसी न किसी देवता के वाहन, भक्त, सहयोगी रहे है। उनके परेशानी से मुक्ती पानी है तो उनका चालीसा या उनके देवता के नाम का जाप करो, सभी परेशानी दूर हो जायेगी। मेरे बात पर यकिन नहीं हो रहा तो हिन्दुवादी पार्टी के कायकर्तओं व नेताओं से पूछ लो। अभी ब्रज में तीर्थ विकास परिषद् की ओर से कराए जाने वाले विकास कार्यो का लोकार्पण करते हुए हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि बंदरों के आतंक से बचना है तो हनुमान चालीसा का पाठ करे। योगी जी को यह सुझाव कुछ और दिन पहले देना चाहिए था, क्योंकि देश के उपराष्ट्रपति बेकेंया नायडू को बंदरों के आतंक का मामला सांसद में उठाने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती। शायद आप लोगों को याद होगा कि उनके घर से बंदर सुखाने के लिए डाले गये कपड़े भी उठा ले जाते है। हम और आप सभी ऐसे फार्मूलों पर काम करना शुरू कर दें ऐसे में पशुओं व जानवरों के आतंक से आसानी से बच जायेंगे। चूहों के लिए गणेश चालीसा, कुत्तों के लिए भैरो चालीसा, बैलों, सांपों, बिच्छूओं व कीडे - मकोडे के लिए शंकर चालीसा, बाघ, शेर चीतों के लिए दुर्गा चालीसा जैसे चालीसा का पाठ कर इनके आतंक से बचा जा सकता है। मैं तो आज ही सारा चालीसा खरीद कर लाता हूं, आप भी ऐसा ही करें, नहीं तो इनसे ज्यादा इनके भक्तों का आतंक जारी हो जायेगा।
संजय त्रिपाठी



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