नयी दिल्ली । राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भ्रष्टाचार मुक्त नव भारत के निर्माण की दिशा में सतत प्रयत्नशील रहने का आह्वान करते हुये आज कहा कि नये भारत के निर्माण के लिए भ्रष्टाचार का समूल नाश जरूरी है।
श्री कोविंद ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह के दौरान केंद्रीय सतर्कता आयोग द्वारा यहाँ विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा “नये भारत के निर्माण के लिए भ्रष्टाचार का समूल नाश करना पहली शर्त है। भ्रष्टाचार उस दीमक की तरह है जो आर्थिक तंत्र को तो खोखला करता ही है, सामाजिक और नैतिक मूल्यों पर भी बुरा प्रभाव डालता है।” उन्होंने कहा कि इसके लिए सबको मिलकर लड़ाई लड़नी होगी।
राष्ट्रपति ने कहा कि सामाजिक जीवन में सत्यनिष्ठा, प्रतिष्ठा और जवाबदेही बढ़ाने के लिए प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने विभिन्न सरकारी संस्थानों, एजेंसियों और कंपनियों के शीर्ष पदाधिकारियों को अपने आचरण के जरिये उत्कृष्ट उदाहरण पेश करने की नसीहत दी। श्री कोविंद ने कहा “जिस प्रकार स्वास्थ्य में ‘बचाव इलाज से बेहतर’ का मंत्र है, उसी प्रकार सतर्कता के क्षेत्र में ‘निवारक सतर्कता दंडात्मक सतर्कता से बेहतर’ का मंत्र अपनाया जा सकता है।”
उन्होंने भ्रष्टाचार को समाप्त करने में प्रौद्योगिकी और इंटरनेट के इस्तेमाल की सलाह दी और इस दिशा में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण, वस्तु एवं सेवा कर, जनधन खातों के जरिये वित्तीय समावेशन जैसे सरकार के विभिन्न कदमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कालाधन, बेनामी संपत्ति और भगोड़ा आर्थिक अपराधियों के संबंध में कानून बनाकर भ्रष्टाचार को समाप्त करने के प्रयास किये गये हैं। ये उपाय ईमानदार करदाताओं के मन में तंत्र के प्रति विश्वास स्थापित करने में मददगार हो रहे हैं।



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