गोपालगंज, ( सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो ) महापर्व छठ का चार दिवसीय अनुष्ठान रविवार को नहाय खाय के साथ शुरू हुआ। सोमवार को खरना पूजा भी संपन्न हो गई। सोमवार शाम रोटी और गुड की बनी खीर का प्रसाद ग्रहण किया गया। मंगलवार शाम को अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य दिया गया और कुछ भक्तों के घर अब कोशी भरने का कार्य किया जा रहा है।
जनपद में आज छठ महापर्व की धूम मची हुई है।सड़कों पर लोगों का तांता लगा हुआ है। महिलाएं व पुरूष आज दो बजे से ही अपने - अपने घाटों पर जाने की तैयारी में लगे हुए हैं। कुछ शहरों में तो भक्तों के भीड़ से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सबसे ज्यादा यातायात की व्यवस्था मीरगंज और हथुआ में खराब रही। यहां रास्ते को खुलवाने के लिए यातायात पुलिस को भारी जिदो-जहद करना पड़ा। गोपालगंज अस्पताल रोड़ पर भी कई घंटे तक जाम लगा रहा। सड़कों के किनारे कई जगह सासामूसा, बंजरिया मोड़, बघऊच, कनपुरा, रतनपुरा, यमुनहा बाजार, बथुआ बाजार, लकड़ी, पेनुला मिश्र, आदि जगहों पर भारी सजावट की गई थी। भक्तों की भारी भीड़ और श्रद्धा इस पावन पर्व को और ज्यादा उत्साहवर्धक बना रहा था।
सवनहा गांव में छठ घाटों के रास्ते पर भारी सजावट, रंग - रोगन के साथ ही घाट पर भी भक्तों के बैठने के लिए टेंट व कुर्सी की व्यवस्था की गई थी। घाटों पर पुरूष व महिलाओं की चहल - पहल और जयकारों की गूंज से पूरा वातावरण छठमय हो गया । इस मौके पर व्रतधारी महिलाओं को इस बार तालाब में जल न होने से निराशा हाथ लगी। हालांकि गांव के लोगों द्वारा इस बार तालाब में पानी न होने से अलग -अलग चार घाट बनाये गये तथा उसमें पानी भरा गया ताकि व्रतधारी अस्ताचल सूर्य को अध्र्य दे सकें। गांव के ही श्रीकांत तिवारी ने बताया कि 55 वर्षो में पहली बार ऐसा हुआ है कि गांव के पोखर में पानी नहीं है। इस बार सुखा पड़ने के कारण ऐसी स्थिति पैदा हुई है।
उन्होंने बताया कि हमारे गांव का पोखर गर्मी या सर्दी का मौसम हो कभी भी सुखा नहीं है। गांव में दूसरे तरफ से ब्रतधारियों के आने - जाने का रास्ता न होने के कारण भी खासतौर से महिलाओं को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। शीघ्र ही गांव के लोग इस पर विचार कर अगले वर्ष तक कुछ कदम उठायेंगे।






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