श्रीराम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य रामविलास वेदांती
नई दिल्ली, ( शांतिदूत न्यूज नेटवर्क ) अयोध्या में राम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य डॉ. रामविलास दास वेदांती ने शनिवार को राम मंदिर मामले पर बड़ा बयान दिया है। संत सम्मेलन में शामिल होने दिल्ली आए रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष राम विलास वेदांती ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राम मंदिर का निर्माण कार्य दिसंबर से शुरू होगा। उन्होंने कहा कि बिना किसी अध्यादेश के अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होगा। वेदांती ने कहा कि आपसी सहमति से राम मंदिर अयोध्या में और मस्जिद का निर्माण लखनऊ में कराया जाएगा।
इससे पहले भी राम जन्मभूमि न्यास के सदस्य और बीजेपी के पूर्व सांसद रामविलास वेदांती ने कहा था ‘ जिस तरीके से अचानक विवादित ढांचा ध्वस्त किया गया, उसी तरीके से रातों-रात मंदिर निर्माण भी शुरू हो सकता है। ’ उन्होंने साफ तौर पर ये संदेश देने की कोशिश कि मस्जिद तोड़ने के लिए कोई परमिशन नहीं ली गई थी। उसी तरह मंदिर बनवाने के लिए किसी परमिशन की जरुरत नहीं है।
वहां कोई मस्जिद नहीं थी, मंदिर का खंडहर था
वेदांती ने कहा था कि यह आरोप सरासर गलत है कि मस्जिद तोड़ी गई। उस जगह पर मस्जिद थी ही नहीं। वहां एक ढांचा था जो राम मंदिर का खंडहर था। जिसे वहां नया राम मंदिर बनाने के लिए तोड़ दिया गया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा, ‘ अब देश और प्रदेश में बीजेपी की पूर्ण बहुमत वाली सरकार है। लिहाजा वे रामजन्मभूमि न्यास को उसकी 67 एकड़ की जमीन वापस कर दें। जिससे वहां भव्य मंदिर बनाया जा सके।
गौरतलब है कि वेदांती अयोध्या आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक रहे हैं और बीजेपी के पूर्व सांसद भी हैं, लेकिन वह पीएम नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कुछ महीनों का वक्त और देना चाहते हैं।



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