सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो
साहिबाबाद । विक्रम एन्क्लेव साहिबाबाद में एक सोसाइटी के लोगों की सीवर जाम व गंदगी की आम शिकायत को लेकर सफाई करने को गये नगर निगम के कर्मचारियों पर एक दंपति ने हमला कर दिया। मामला पुलिस तक पहुंचा और पुलिस ने वहां पहुंचकर किसी तरह से दोनों पक्षों को शांत कराया। इस मामले में नगर निगम के कर्मचारियों ने थाना साहिबाबाद पुलिस को लिखित तहरीर देकर हमलावर दंपति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार वार्ड37 नगर निगम गाजियाबाद के प्लाट संख्या 67 माया अपार्टमेंट के निवासियों ने स्थानीय पार्षद सरदार सिंह भाटी से शिकायत की थी कि उनकी सर्विस लाइन बंद है जिससे सीवर का गंदा पानी प्लाट संख्या 68 में जमा हो रहा है इस गंदे पानी से न केवल बदबू आ रही है बल्कि बीमारी फैलने की आशंका है। इस शिकायत पर पार्षद ने नगर निगम सुपरवाइजर सुनील कुमार पंवार व राजेश कुमार को शिकायत को निस्तारण करने के लिए कहा था। आरोप है कि नगर निगम के दोनों सुपरवाइजर सुनील कुमार पंवार व राजेश कुमार अपने साथी सफाई कर्मचारियों के साथ मौके पहुंचे और वहां का मुआयना किया। तो वहां उन्होंने देखा कि प्लाट संख्या 69 के निवासी ने सर्विस लेन पर अवैध शौचालय बना हुआ है। इस अवैध निर्माण के कारण सीवर लाइन चैक है जिसका गंदा पानी प्लाट संख्या 68 में जमा हो रहा है। जैसे ही सफाई कर्मियों ने अवैध निर्माण को हटाना चाहा तभी प्लाट संख्या 69 के निवासी ज्योति प्रसाद पांडे और उनकी पत्नी ने नगर निगम के सफाई कर्मचारियों पर ईंटों से हमला कर दिया और उन्हें बुरा भला कहा और अवैध निर्माण नहीं हटाने दिया।
यहां यह भी गौरतलब है कि इस कॉलोनी में कई मामले कोरोना संक्रमण के पाए गए थे और पूरी कॉलोनी को सैनिटाइज कराया गया था। इसके बावजूद भी लोग सफाई कर्मियों को उनका काम नहीं करने दे रहे। हमले और हंगामे की सूचना पर शालीमार गार्डन चैकी प्रभारी शशि चैधरी वहां पहुंचे और दोनों पक्षों को शांत कराया।
इस मामले में नगर निगम के सुपरवाइजर सुनील पवार व राजेश कुमार की तरफ से थाना साहिबाबाद में पांडे दंपति के खिलाफ शिकायत दी गई है।
इस संबंध में नगर निगम मोहनगर जोन के प्रभारी एसके गौतम ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में अभी आया है। वे इसे देखेंगे। कोरना संक्रमण काल में कोरोना योद्धाओं पर हमला बहुत शर्मनाक बात है, जो लोगों के स्वास्थ्य को बचाने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं और अपनी जान जोखिम में डालने हैं उन पर हमला करना न केवल गैरकानूनी है बल्कि अमानवीय भी है। उनका कहना था कि मामला संगीन है,उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री महोदय ने कोरोना योद्धाओं पर हमला करने के मामले में रासुका लगाने तक की बात कही है।



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