![]() |
मनजीत सिंह
आध्यात्मिक एवं सामाजिक विचारक
|
17 मई के बाद लॉक डाउन रहेगा या नहीं यह सवाल अब नहीं है । अब सवाल उठता है लॉक डाउन खुलने के बाद हम क्या करेंगे । दोस्तों आज रात यानी 12 मई रात 8 बजे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने देश को संबोधित किया सारा देश इस पर अपने आप में विचार कर रहा है की लॉक डाउन आगे बढ़ेगा या हटा लिया जाएगा । बात अब लॉकडाउन बढ़ाने या हटाने की नहीं आम आदमी सोच रहा है लॉक डाउन खुल जाएगा तो मैं क्या करूंगा क्या दोबारा मेरी जिंदगी पटरी पर आ पाएगी । आम आदमी इसके बारे में विचार करता है, मैं यही कारोबार करूं जो मैं कर रहा हूं या कुछ नया व्यापार करूं ।
पिछले कुछ सालों से कुछ माह पूर्व देश में लाॅकडाउन नहीं था तो भी तो कारोबार नहीं चल रहा था । अगर वह नहीं चल रहा था तो कुछ नया करें नया करें तो कौन सा करें कोई भी काम इतना आसान नहीं कि हमने आज सोचा तो कल बदल दें । नया कारोबार करने के लिए पैसा चाहिए पैसा जेब में है नहीं और मंदी के दौर में कोई ऐसा व्यक्ति भी नहीं कि पहले हमें काम बताएं और पैसा भी दे तो हमें वह पैसा क्यों देगा। आज का जमाना उठते को तो फिर भी सलाम कर लेता है, मगर गिरते को नहीं । एक बात यह भी आती है जो हमें पैसा देगा उसके पास पैसा है भी या नहीं। दोस्तों जिंदगी की सबसे मुश्किल घड़ी है । पास में जेब में पैसा नहीं जो छोटा कारोबार करते हैं उसमें काम नहीं, नया काम करें तो कौन सा करें अगर नया काम सोचे तो पैसा नहीं । इन्हीं गंभीर विषयों पर सोच सोच कर परेशानी बढ़ती जा रही है । दोस्तों हर इंसान के पीछे एक परिवार का खर्च है । नौकरी करने वाले भी इसी विषय में सोच रहे हैं नौकरी रहेगी या चली जाएगी। जिन लोगों को डर सता रहा है कि नौकरी नहीं रहेगी उनकी स्थिति भी ऐसी है जो एक छोटे व्यापारी की है। कुछ पढ़े-लिखे लोग फल सब्जी बेच रहे हैं ऐसा मैं अखबारों में भी पढ़ा और आंखों से देखा भी हर इंसान पीड़ा में है दुखी है । रही बात सरकार की तो सरकार पर भी ज्यादा भरोसा इसलिए नहीं कर सकते सरकार तो खुद टैक्स से चलती हैं ।
सरकार हमारा बिजली का बिल भी माफ नहीं कर पाती क्योंकि उसने बिजली खरीदने के लिए पैसा दिया है तो सरकार दूसरों से भी नहीं कह पा रही की फीस ना लें या अन्य काम ना करें । सरकार कह रही है कंपनी वाले काम करने वालों को सैलरी दे, अब सवाल उठता है कि कंपनी वाले सैलरी कहां से दें उनके पास भी पैसा नहीं है । दोस्तों एक बात तो तय है की लॉक डाउन खुलने के बाद कि जिंदगी इतनी आसान नहीं जिंदगी का आगे का सफर इतना आसान नहीं । दोस्तों लॉक डाउन खुलेगा या नहीं इस पर विचार ना करें, वह तो पता चल ही जाएगा अगर बड़ा तो कुछ दिन और बढ़ जाएगा या कुछ शर्तों के साथ खुल जाएगा । आगे का सफर कांटो भरा है इसलिए हर इंसान को कहना चाहता हूं लॉक डाउन खुलने के बाद सबसे पहले एक काम करें । अपने खर्चों में कमी लाएं खर्च कम होगा तो शायद हम दुबारा जीवन की खुशियों को पाने की उम्मीद कर सकते हैं । इंसान को अब धरती पर रहना होगा आसमान में उड़ने वाले हवा में उड़ ने वाले देखना कहीं हवा ऊपर ही ना ले जाए । दोस्तों यह तो तय है कि लॉक डाउन बढ़ेगा या नहीं इस पर सोचना बंद कर दे क्योंकि जब हम लगभग 2 महीने से इस लॉक डाउन में हैं हम कुछ दिन और भी रह सकते हैं । बस अब इससे आगे पर विचार करना शुरू करें । दोस्तों मैं बहुत अच्छा स्पीकर हूं मगर मैं सोचता हूं मेरी स्पीच से समाज को तसल्ली तो मिल सकती हैं सब्र मिल सकता है, होश और जोश मिल सकता है मगर रोटी नहीं मिल सकती । रोटी के लिए स्पीच नहीं काम चाहिए दौलत चाहिए तभी आगे की जिंदगी बसर होगी । सरकार हमारी मददगार है मैं सरकार से निवेदन करता हूं इस बार आप मदद पूंजीपतियों की नहीं मध्यम वर्ग की करें । मगर हम सिर्फ सरकार की तरफ नहीं देख सकते ना ही हमें देखना चाहिए, हमें अपनी जिंदगी जीने के लिए खुद प्रयास करना होगा सरकार हमारी मददगार तो हो सकती है हमें सुविधाएं दे सकती है । देश बहुत बड़ा है 130 करोड़ की आबादी है 130 करोड़ लोग सरकार की तरफ देखें तो नहीं चलेगा । हमें कदम बढ़ाने होंगे हमें आगे बढ़ना है और देश को भी आगे बढ़ाना है ।




0 comments:
Post a Comment