एटलस कंपनी के बाहर प्रदर्शन करते श्रमिक।
सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो
साहिबाबाद । साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र साइट 4 की एक साइकिल बनाने वाली कंपनी के प्रबंधकों ने आर्थिक तंगी का हवाला देकर कंपनी में श्रमिकों का लेआफ(बैठकी) कर दिया है। इससे श्रमिकों के सामने भूखा मरने की समस्या पैदा हो गई है ,ऊपर से अपनी नौकरी जाने का खतरा बना हुआ है। इस संबंध में सीटू ट्रेड यूनियन ने प्रमुख सचिव श्रम उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की प्रार्थना की है।
जानकारी के अनुसार एटलस साइकिल लिमिटेड एंप्लाइज यूनियन ने उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव श्रम को पत्र लिखकर एटलस कंपनी के प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। यूनियन ने बताया है कि एटलस नाम से बाइसिकल बनाने वाली कंपनी ने 1 जून को लॉक डाउन के समय का वेतन देकर 2 जून से कंपनी में अनिश्चितकालीन बैठकी (लेआफ) किए जाने की सूचना नोटिस चस्पा कर दी है । कंपनी प्रबंधकों का कहना है कि कंपनी चलाने के लिए धन उपलब्ध होने तक कंपनी में अनिश्चितकालीन तक ले आफ जारी रहेगा। इससे श्रमिकों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है और ऊपर से नौकरी जाने का अंदेशा है। यूनियन का कहना है कि अगर प्रबंधकों के सामने आर्थिक संकट था तो उन्होंने लाॅकडाउन के समय का श्रमिकों का वेतन कहां से दे दिया ? यूनियन का कहना है की प्रबंधकों की यह एक सोची समझी चाल है। अगर कंपनी के सामने कोई भी आर्थिक संकट था और कंपनी को श्रमिकों का लेआफ किया जाना था तो कंपनी की एकमात्र मान्यता प्राप्त यूनियन को बुलाकर अपना पक्ष रखना चाहिए था। सीटू यूनियन के अध्यक्ष नानक चंद व सचिव महेश सिंह का कहना है कि यूनियन को अंधेरे में रखकर श्रमिकों का लेआफ किया जाना अन्यायपूर्ण है और वह पूरा वेतन लेने के अधिकारी हैं। यह उद्योग इंजीनियरिंग उद्योग की श्रेणी में आता है और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा घोषित 500 श्रमिकों का वेतन लागू है तथा लगभग उद्योग में 300 श्रमिक स्थाई तथा 500 श्रमिक लगभग पीस रेट या ठेके पर काम करते हैं। इसके अलावा जूनियर स्टाफ भी है।
यूनियन ने प्रमुख सचिव श्रम को इस मामले में हस्तक्षेप करने और संबंधित पक्षों को बुलाकर उत्पन्न समस्याओं का समाधान करा बैठकी (लेआफ) खत्म कराने की मांग की है।



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