नई दिल्ली, विशेष संवाददाता
प्रधानमंत्री मोदी ने आज 'मन की बात ' में कहा कि कश्मीर का नुकसान अपने देश का नुकसान है । उन्होंने एकता और ममता को कश्मीर समस्या के समाधान के लिए मूल मंत्र बताया और बच्चों को अशांति पैदा करने के लिए उकसाने वालों पर यह कहते हुए नाराजगी जाहिर की कि एक न एक दिन उन लोगों को ‘‘इन बेकसूर’’ बच्चों को जवाब देना ही होगा। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि कश्मीर में अगर एक भी व्यक्ति की जान जाती है, चाहे वह कोई युवा हो या सुरक्षा कर्मी हो, तो वह हमारा, हमारे देश का नुकसान है।
यह मोदी के ‘ मन की बात ’ का 23वां संस्करण था। कार्यक्रम की शुरुआत से पहले ही पीएम मोदी ने लोगों से सुझाव मांगे थे। इन सुझावों में लोगों से उन विषयों के बारे में पूछा गया था जिनपर वे पीएम को बोलते देखना चाहते थे। 23वें संस्करण में पीएम ने उनमें से काफी मुद्दों को कवर भी किया। पीएम मोदी के पास रियो ओलंपिक 2016, टोक्यो ओलंपिक 2020 के प्लान, देश की सुरक्षा, धर्म और साफ सफाई के अहम सवाल आए थे। मौके पर पीएम मोदी ने कई बातें कही।
मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत ही रियो ओलंपिक से की। इसमें उन्होंने रियो में मेडल जितवाने वाली पीवी सिंधू और साक्षी मलिक की तारीफ की। इसके साथ ही दीपा कर्माकर, अभिनव बिंद्रा के अलावा बाकी खिलाड़ियों की भी तारीफ की गई। लेकिन पीएम ने यह भी माना की हमारा प्रदर्शन काफी खराब था और उसे सुधारने के लिए काम करना होगा। पीएम ने बताया कि उन्होंने एक कमेटी बनाई है जो खिलाड़ियों की बेहतर तैयारी पर नजर रखेगी। पीएम ने बताया कि लोगों को खेल को वक्त बर्बाद करने वाली चीज मानना बंद करना होगा। ताकी अच्छे नतीजे सामने आएं।
कश्मीर मुद्दे पर पीएम मोदी ने कहा कि सभी दल कश्मीर में हो रही हिंसा के खिलाफ एकसाथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कुछ लोग कश्मीर के छोटे बच्चों को आगे करके अपनी मंशा पूरी कर रहे हैं और उन्हें कभी ना कभी उन्हीं बच्चों को जवाब जरूर देना पड़ेगा। पीएम ने कहा कि सभी पार्टियों ने एकजुट होकर विदेश और अलगाववादियों को कड़ा संदेश दिया है। प्रधानमंत्री ने इसे संसद द्वारा पारित महत्वपूर्ण जीएसटी विधेयक की राह के समकक्ष रखा। गौरतलब है कि संसद में जीएसटी विधेयक पर सभी राजनीतिक दलों ने एकजुटता दिखाई थी।
गणेश उत्सव पर बोलते हुए मोदी ने कहा सार्वजिनक गणेश उत्सव लोक मान्य तिलक की देन है। मोदी ने बताया कि कई लोगों ने अपने मैसेज में गणेश उत्सव और दुर्गा पूजा में इस्तेमाल हो रहे सामान से पर्यावरण को हो रहे नुकसान का जिक्र किया था। मोदी ने कहा कि प्लास्टर ऑफ पैरिस से बनी मूर्तियों की जगह मिट्टी की मूर्तियां लेनी चाहिए। उन्होंने कहा गणेश जी विघ्नहर्ता हैं, विघ्न पैदा करने वाले गणेश पैदा ना किए जाएं।
स्वच्छ भारत पर अपना विचार रखते हुए उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में स्कूल के बच्चों ने अपने माता-पिता को चिठ्ठी लिखकर टॉयलेट बनवाने की मांग की थी। इसके बाद सबके पेरेंट्स ने उनकी बात मानकर टॉयलेट बनवाए। पीएम ने मल्लामा नाम की लड़की का भी जिक्र किया। पीएम ने बताया कि उसने भूख हड़ताल पर बैठकर अपने परिवार के खिलाफ ही सत्याग्रह कर दिया था। मल्लमा घर में टॉयलेट बनवाना चाहती थी। फिर घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने की कारण गांव के प्रधान ने 18 हजार रुपए का इंतजाम करके टॉयलेट बनवा दिया था।
उन्होंने शिक्षक दिवस पर कहा कि शिक्षक का दर्जा मां से कम नहीं होता। मोदी ने कहा कि टीचर अपने से ज्यादा अपनों की चिंता करता है। वहीं बेडमिंटन में सिल्वर जीतने वालीं पीवी सिंधू के कोच पुलेला गोपीचंद की भी जिक्र मोदी ने किया। उन्होंने उन्हें कोच से बढ़कर एक शिक्षक बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने आज 'मन की बात ' में कहा कि कश्मीर का नुकसान अपने देश का नुकसान है । उन्होंने एकता और ममता को कश्मीर समस्या के समाधान के लिए मूल मंत्र बताया और बच्चों को अशांति पैदा करने के लिए उकसाने वालों पर यह कहते हुए नाराजगी जाहिर की कि एक न एक दिन उन लोगों को ‘‘इन बेकसूर’’ बच्चों को जवाब देना ही होगा। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि कश्मीर में अगर एक भी व्यक्ति की जान जाती है, चाहे वह कोई युवा हो या सुरक्षा कर्मी हो, तो वह हमारा, हमारे देश का नुकसान है।
यह मोदी के ‘ मन की बात ’ का 23वां संस्करण था। कार्यक्रम की शुरुआत से पहले ही पीएम मोदी ने लोगों से सुझाव मांगे थे। इन सुझावों में लोगों से उन विषयों के बारे में पूछा गया था जिनपर वे पीएम को बोलते देखना चाहते थे। 23वें संस्करण में पीएम ने उनमें से काफी मुद्दों को कवर भी किया। पीएम मोदी के पास रियो ओलंपिक 2016, टोक्यो ओलंपिक 2020 के प्लान, देश की सुरक्षा, धर्म और साफ सफाई के अहम सवाल आए थे। मौके पर पीएम मोदी ने कई बातें कही।
मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत ही रियो ओलंपिक से की। इसमें उन्होंने रियो में मेडल जितवाने वाली पीवी सिंधू और साक्षी मलिक की तारीफ की। इसके साथ ही दीपा कर्माकर, अभिनव बिंद्रा के अलावा बाकी खिलाड़ियों की भी तारीफ की गई। लेकिन पीएम ने यह भी माना की हमारा प्रदर्शन काफी खराब था और उसे सुधारने के लिए काम करना होगा। पीएम ने बताया कि उन्होंने एक कमेटी बनाई है जो खिलाड़ियों की बेहतर तैयारी पर नजर रखेगी। पीएम ने बताया कि लोगों को खेल को वक्त बर्बाद करने वाली चीज मानना बंद करना होगा। ताकी अच्छे नतीजे सामने आएं।
कश्मीर मुद्दे पर पीएम मोदी ने कहा कि सभी दल कश्मीर में हो रही हिंसा के खिलाफ एकसाथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कुछ लोग कश्मीर के छोटे बच्चों को आगे करके अपनी मंशा पूरी कर रहे हैं और उन्हें कभी ना कभी उन्हीं बच्चों को जवाब जरूर देना पड़ेगा। पीएम ने कहा कि सभी पार्टियों ने एकजुट होकर विदेश और अलगाववादियों को कड़ा संदेश दिया है। प्रधानमंत्री ने इसे संसद द्वारा पारित महत्वपूर्ण जीएसटी विधेयक की राह के समकक्ष रखा। गौरतलब है कि संसद में जीएसटी विधेयक पर सभी राजनीतिक दलों ने एकजुटता दिखाई थी।
गणेश उत्सव पर बोलते हुए मोदी ने कहा सार्वजिनक गणेश उत्सव लोक मान्य तिलक की देन है। मोदी ने बताया कि कई लोगों ने अपने मैसेज में गणेश उत्सव और दुर्गा पूजा में इस्तेमाल हो रहे सामान से पर्यावरण को हो रहे नुकसान का जिक्र किया था। मोदी ने कहा कि प्लास्टर ऑफ पैरिस से बनी मूर्तियों की जगह मिट्टी की मूर्तियां लेनी चाहिए। उन्होंने कहा गणेश जी विघ्नहर्ता हैं, विघ्न पैदा करने वाले गणेश पैदा ना किए जाएं।
स्वच्छ भारत पर अपना विचार रखते हुए उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में स्कूल के बच्चों ने अपने माता-पिता को चिठ्ठी लिखकर टॉयलेट बनवाने की मांग की थी। इसके बाद सबके पेरेंट्स ने उनकी बात मानकर टॉयलेट बनवाए। पीएम ने मल्लामा नाम की लड़की का भी जिक्र किया। पीएम ने बताया कि उसने भूख हड़ताल पर बैठकर अपने परिवार के खिलाफ ही सत्याग्रह कर दिया था। मल्लमा घर में टॉयलेट बनवाना चाहती थी। फिर घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने की कारण गांव के प्रधान ने 18 हजार रुपए का इंतजाम करके टॉयलेट बनवा दिया था।
उन्होंने शिक्षक दिवस पर कहा कि शिक्षक का दर्जा मां से कम नहीं होता। मोदी ने कहा कि टीचर अपने से ज्यादा अपनों की चिंता करता है। वहीं बेडमिंटन में सिल्वर जीतने वालीं पीवी सिंधू के कोच पुलेला गोपीचंद की भी जिक्र मोदी ने किया। उन्होंने उन्हें कोच से बढ़कर एक शिक्षक बताया।



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