लाल किले के प्राचीर से 70वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गिलगित-बालटिस्तान और बलूचिस्तान में होने वाले नरसंहार का मुद्दा उठाया. केंद्र की एनडीए सरकार इसके बाद कई मौकों पर पाक अधिकृत कश्मीर को लेकर अपने तेवर से पाकिस्तान को अवगत करा चुकी है, वहीं लगता है हिंदुस्तान के रवैये से पाकिस्तान भी बौखला गया है. यही कारण है कि पाकिस्तानी फौज ने बलूचिस्तान में अत्याचारों का ऑपरेशन तेज कर दिया है.
बलूचिस्तान के लगभग सभी इलाकों- कच्ची बोलान, क्वेटा, डेरा बुगती, मस्तंग, अवारान समेत लगभग सभी बलूचिस्तानी जिलों के घरो से पाकिस्तानी फौज बड़े पैमाने पर पुरुष सदस्यों को उठा रही है. यही नहीं, इसके बाद हर दिन 4-5 शव बरामद हो रहे हैं. बलूच कार्यकर्ता और दोमकी ट्राइब के मुखिया सरदार मीर बखित्यार खान दोमकी कहते हैं, 'पीएम मोदी के बलूचिस्तान के आवाम के हक में दिए बयान के बाद में अबतक बलूचिस्तान के सिर्फ एक जिले डेरा बुगती में 50 सिविलयन बलूचों को मार दिया गया हैं. 150 बलूचों को किडनैप कर लिया गया है, जिनकी सलामती को लेकर कोई खबर नहीं है.'
मारकर निकाल लेते हैं आंखें
बलूचिस्तान में एक बार फिर से रासायनिक हथियारों के कथित इस्तेमाल का मामला भी आ रहा है. बलूच कार्यकर्ता बताते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के लालकिले के भाषण से पाकिस्तानी फौज में खलबली मच गई है. फौज अपना गुस्सा मासूम बलूच लोगों पर रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल कर शांत कर रही है. नागरिकों को पहले स्प्रे से बेहोश किया जाता है, फिर उन्हें गोली मारी जा रही है. उनकी आंखें निकाली जा रही हैं. खासकर बलूचिस्तान के बोलान इलाके में रासायनिक हथियारों से हमले हो रहे हैं.
भीख मांगकर खाने पर मजबूर लोग
बलूचिस्तान के कच्ची बोलान इलाके के गांव से ताजा हालात पर स्थानीय लोगों द्वारा भेजे गए एक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट विडियो में महिलाओं का दर्द साफ झलकता है. वे बताती हैं, 'यहां 200 ब्लूचिस्तानियों का परिवार रहता है लगभग 35 घरों में. दो दिन पहले पाकिस्तानी फौज के लोग आए और सभी घरों के पुरुष और छोटे बच्चे (लगभग 40 सदस्यों) को उठाकर ले गए. महिलाओं को भी लात से मारा-पीटा गया. हमलोगों से जबरन खाना भी बनवाया गया. कई घरों में आग भी लगा दी गई.'
बलूचिस्तान के लगभग सभी इलाकों- कच्ची बोलान, क्वेटा, डेरा बुगती, मस्तंग, अवारान समेत लगभग सभी बलूचिस्तानी जिलों के घरो से पाकिस्तानी फौज बड़े पैमाने पर पुरुष सदस्यों को उठा रही है. यही नहीं, इसके बाद हर दिन 4-5 शव बरामद हो रहे हैं. बलूच कार्यकर्ता और दोमकी ट्राइब के मुखिया सरदार मीर बखित्यार खान दोमकी कहते हैं, 'पीएम मोदी के बलूचिस्तान के आवाम के हक में दिए बयान के बाद में अबतक बलूचिस्तान के सिर्फ एक जिले डेरा बुगती में 50 सिविलयन बलूचों को मार दिया गया हैं. 150 बलूचों को किडनैप कर लिया गया है, जिनकी सलामती को लेकर कोई खबर नहीं है.'
मारकर निकाल लेते हैं आंखें
बलूचिस्तान में एक बार फिर से रासायनिक हथियारों के कथित इस्तेमाल का मामला भी आ रहा है. बलूच कार्यकर्ता बताते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के लालकिले के भाषण से पाकिस्तानी फौज में खलबली मच गई है. फौज अपना गुस्सा मासूम बलूच लोगों पर रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल कर शांत कर रही है. नागरिकों को पहले स्प्रे से बेहोश किया जाता है, फिर उन्हें गोली मारी जा रही है. उनकी आंखें निकाली जा रही हैं. खासकर बलूचिस्तान के बोलान इलाके में रासायनिक हथियारों से हमले हो रहे हैं.
भीख मांगकर खाने पर मजबूर लोग
बलूचिस्तान के कच्ची बोलान इलाके के गांव से ताजा हालात पर स्थानीय लोगों द्वारा भेजे गए एक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट विडियो में महिलाओं का दर्द साफ झलकता है. वे बताती हैं, 'यहां 200 ब्लूचिस्तानियों का परिवार रहता है लगभग 35 घरों में. दो दिन पहले पाकिस्तानी फौज के लोग आए और सभी घरों के पुरुष और छोटे बच्चे (लगभग 40 सदस्यों) को उठाकर ले गए. महिलाओं को भी लात से मारा-पीटा गया. हमलोगों से जबरन खाना भी बनवाया गया. कई घरों में आग भी लगा दी गई.'



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