कौशांबी, ( प्रमुख संवाददाता ) कारवा नाम की एक एनजीओ की ओर से एनजीटी में नगर निगम के खिलाफ दायर किए गए अवमानना के मामले में निगम को एक बार फिर एनजीटी ने फटकार लगाई है। एनजीटी ने निगम से सवाल पूछा था कि नालों और भोवापुर से आकर गिरने वाले पानी को सीवर में जाने से रोकने के लिए निगम की ओर से क्या कदम उठाए गए? करीब एक माह का समय मिलने के बावजूद भी कोई जवाब नहीं मिलने पर एनजीटी ने नगर निगम को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
कारवा के अध्यक्ष विनय कुमार मित्तल ने बताया है कि 20 जुलाई की सुनवाई के बाद एनजीटी ने नगर निगम को 20 अगस्त तक जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया। जिसमें निगम को यह बताना था कि भोवापुर की ओर से आने वाले पानी और नालों के पानी को सीवर में जाने से रोकने के लिए क्या कार्य और प्लान किया गया है। 20 अगस्त तक निगम की ओर से ऐसा काम नहीं होने पर नौ सितंबर को कारवा ने एनजीटी ने इसे अवमानना करार देते हुए निगम की शिकायत की थी। बुधवार को इसी अवमानना के मामले में सुनवाई थी जिसमें एनजीटी ने निगम से प्रगति रिपोर्ट लेखा-जोखा मांगा था। इसके अलावा लापरवाही बरतने पर कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। अवमानना के इस मामले में अब अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को होगी।



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