रियो में पैरा ओलंपिक खेलों में खेल रहे भारत के मरियप्पन थांगावेलू ने इतिहास रच दिया है।भारत के ऊंची कूद एथलीट मारियप्पन थांगावेलु ने पैरालंपिक खेलों में पुरुषों की ऊंची कूद टी-42 स्पर्धा में 1.89 मीटर छलांग लगा कर स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके अलावा मारियप्पन के हमवतन और ऊंची कूद एथलीट वरुण सिंह भाटी ने इसी स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया।
इस स्पर्धा में जहां एक ओर मारियप्पन ने 1.89 मीटर की कूद लगाई। वहीं, भाटी ने अपना बेहतरीन प्रदर्शन देते हुए 1.86 मीटर की कूद लगाई। अमेरिका के सैम ग्रेवे ने इस स्पर्धा में रजत पदक जीता। मरियप्पन थांगावेलू ने 1.89 मी. की जंप लगाते हुए सोना जीता, जबकि भाटी ने 1.86 मी. की जंप लगाते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया।
वह मुरलीकांत पेटकर (स्वीमिंग 1972 हेजवर्ग) और देवेंद्र झाझरिया (भाला फेंक, एथेंस 2004 ) के बाद गोल्ड जीतने वाले तीसरे भारतीय बन गए हैं। इसी खेल में रजत पदक अमरीका के सैम ग्रेवी को मिला। उधर, भारत के ही संदीप भाला फेंक कांस्य जीतने से चूक गए और वह चौथे स्थान पर रहे।
थांगावेलू और भाटी की इस सफलता के बाद अभी तक के सभी पैरा ओलंपिक खेलों में भारत के कुल पदकों की संख्या 10 हो गई है, जिसमें 3 स्वर्ण, तीन रजत और चार कांस्य शामिल है।
इस स्पर्धा में जहां एक ओर मारियप्पन ने 1.89 मीटर की कूद लगाई। वहीं, भाटी ने अपना बेहतरीन प्रदर्शन देते हुए 1.86 मीटर की कूद लगाई। अमेरिका के सैम ग्रेवे ने इस स्पर्धा में रजत पदक जीता। मरियप्पन थांगावेलू ने 1.89 मी. की जंप लगाते हुए सोना जीता, जबकि भाटी ने 1.86 मी. की जंप लगाते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया।
वह मुरलीकांत पेटकर (स्वीमिंग 1972 हेजवर्ग) और देवेंद्र झाझरिया (भाला फेंक, एथेंस 2004 ) के बाद गोल्ड जीतने वाले तीसरे भारतीय बन गए हैं। इसी खेल में रजत पदक अमरीका के सैम ग्रेवी को मिला। उधर, भारत के ही संदीप भाला फेंक कांस्य जीतने से चूक गए और वह चौथे स्थान पर रहे।
थांगावेलू और भाटी की इस सफलता के बाद अभी तक के सभी पैरा ओलंपिक खेलों में भारत के कुल पदकों की संख्या 10 हो गई है, जिसमें 3 स्वर्ण, तीन रजत और चार कांस्य शामिल है।



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