सीएम अखिलेश ने फरवरी में यूपी विधानसभा चुनाव के दिए संकेत UP CM Akhilesh elections in February, indicating the

लखनऊ, ( संवाददाता )  मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यूपी के विधानसभा चुनाव अगले वर्ष फरवरी में ही होने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जल्दी विधानसभा चुनाव चाहते हैं तो मैं भी इसके लिए तैयार हूं। वह रविवार को लोक भवन सभागार में आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह में बोल रहे थे।

समारोह में लगातार नारेबाजी कर रहे उत्साहित कार्यकर्ताओं से मुखातिब होकर मुख्यमंत्री ने कहा कि अब शायद पांच महीने का भी समय नहीं है। पहले उन्होंने कहा था कि कार्यकर्ता पांच महीने मेहनत कर लें तो उन्हें फिर से पांच साल की सरकार मिल जाएगी लेकिन अब समय कम है। उनके नारे तभी अच्छे लगेंगे जब अगली बार भी सरकार बनेगी।
अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा कि विकास में संतुलन कायम किया गया और बिना भेदभाव के सभी वर्गों को योजनाओं का लाभ दिया गया। सरकार ने मेट्रो और एक्सप्रेस वे बनवाया तो जिलों को भी फोरलेन से जोड़ा। साथ ही साइकिल सस्ती की और साइकिल ट्रैक भी बनवाए। आगरा से इटावा लायन सफारी तक साइकिल हाइवे भी बन रहा है। सड़कें ऐसी बनवाई है कि 120 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार में भी गाड़ी चले तो भी पानी नहीं छलकता।
बुआ कहने पर डर जाती हैं मायावती
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती बसपा सरकार को पत्थर वाली सरकार बताया। साथ ही नाम लिए बगैर बसपा प्रमुख मायावती को फिर से बुआ कहकर संबोधित किया। उन्होंने कहा-उन्हें लगता है कि मेरे बुआ कहने से उनका वोट भी हमारे पास आ जाएगा। फिर नाम लिए बगैर ही उन्होंने मोदी सरकार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा-एक पार्टी अच्छे दिन लाने के नाम पर सत्ता में आई थी। उन लोगों ने अभी तक एक भी अच्छा काम किया हो तो बताओ?
उनकी जन-धन योजना में सबसे ज्यादा खाते यूपी ने खोलवाए लेकिन किसी को कोई लाभ नहीं मिला, जबकि प्रदेश सरकार ने 55 लाख लोगों के खाते खोलवाकर समाजवादी पेंशन योजना का लाभ दिया।

दो पूर्व मुख्य सचिवों ने भी गिनाईं उपलब्धियां
समारोह में दो पूर्व मुख्य सचिवों नवीन चंद्र बाजपेयी व आलोक रंजन ने भी सपा सरकार की उपलब्धियों का जमकर बखान किया। श्री बाजपेयी ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश की समृद्धि एवं विकास के महानायक हैं। वह चाहते तो अपने ऑफिस का नाम लोकतंत्र भवन रख सकते थे लेकिन उन्होंने इसका नाम लोक भवन रखा ताकि यूपी में लोक तंत्र पर हावी रहे। उनकी दूरदृष्टि उनके बजट भाषणों में साफ दिखती है।
मुख्यमंत्री के सलाहकार एवं पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यूपी को ग्रोथ फैक्ट्री बना दिया। वह हमेशा कहते रहे कि अवस्थापना सुविधाओं के जरिए ही विकास के रास्ते खुलेंगे।

विकास दर 6.6 फीसदी पहुंची
मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने कहा कि वर्ष 2012 में यूपी के विकास की दर 2.9 फीसदी थी जो वर्ष 2016 में 6.6 फीसदी हो गई है। यूपी का बजट देश के किसी भी राज्य से बड़ा बजट है। महाराष्ट्र का नंबर यूपी के बाद आता है। सड़कें, बिजली और सिंचाई के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर के अन्य साधनों के विकास पर भी सरकार ने खूब खर्च किया। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे के बाद अब लखनऊ-बलिया एक्सप्रेस वे की तैयारी है।

इन पुस्तकों का किया विमोचन
समारोह में मुख्यमंत्री ने सूचना विभाग की ओर से प्रकाशित काफी टेबल बुक यूपी : द ग्रोथ फैक्ट्री, मासिक पत्रिका नया दौर के मजाज विशेषांक, उर्दू समाचार पत्रिका नई उमंग के ताजा अंक तथा आईएएस अफसर डॉ. हरिओम के गजल संग्रह ख्वाबों की हंसी का विमोचन किया।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री अहमद हसन, राजेन्द्र चौधरी, राममूर्ति वर्मा, प्रो. अभिषेक मिश्र व एसपी यादव के अलावा प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल और सचिव संस्कृति डॉ. हरिओम भी मौजूद थे। निदेशक सूचना सुधेश कुमार ओझा ने आभार ज्ञापन किया।
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