आखिर तेजस में क्यों है दम Why is finally back in Tejas

साहिबाबाद, ( संवाददाता )  भारतीय वायुसेना आज अपना 84वां स्थापना दिवस मना रही है। इस मौके को यादगार बनाने के लिए गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर सेना के तीनों प्रमुखों, क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और नेताओं के साथ ही आम जनता का जमावड़ा रहा। सभी आसमान का सीना चीरने वाले लड़ाकू विमान सुखोई के करतब के इंतजार में थे। सुखोई के हैरतअंगेज करतब देख लोग चकित हो गए और पूरा वातावरण तालियों के गड़गड़ाहट से गुंज उठा ।

वायुसेना में ब्रह्मोस मिसाइल शामिल होगी

माना जा रहा है कि इस साल के अंत तक ब्रह्मोस मिसाइल वायुसेना में शामिल हो जायेगी। ऐसे में वायुसेना की ताकत में इजाफा होगा। दुनिया में अभी तक किसी भी देश के पास इस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का कोई तोड़ नहीं है। पाकिस्तान तो क्या चीन भी इस मिसाइल से डरता है। अगर ये मिसाइल सुखोई में फिट हो जाती है तो वायुसेना का सीना गर्व से फूल जायेगा।

तेजस ने दिखाया दम

हिंडन एयरबेस में पहली बार देश में बने तेजस लड़ाकू विमान की हैरतअंगेज कारनामे से लोग हैरान रह गए। एक साथ कई सारी जिम्मेदारी निभाने में सक्षम तेजस लगभग 50 हजार फीट तक उड़ान भर सकता है, साथ में मिग-29 , मिग-21 बाइस, जैगुआर, मिराज लड़ाकू विमानों ने अपना दमखम दिखाया। आसमान में करतब दिखाने वाले दुनिया का इकलौते हेलीकाप्टर सारंग को देख लोगों ने जमकर तालियां बजाईं।

  

Share on Google Plus

0 comments:

Post a Comment