नई दिल्ली, ( संवाददाता ) शनिवार को भारतीय वायुसेना ने अपना 84वां स्थापना दिवस उत्साह और जोश के साथ मनाया। राजधानी दिल्ली से सटे गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर वायुसेना का पूरा दमखम दिखाई पड़ा। इस ताकत और हौसले को देख दुश्मन के भी रूह कांप जाए।
गाजियाबाद में हिंडन एयर बेस वायु सेना दिवस के कार्यक्रम के दौरान वायु सेना प्रमुख अरूप राहा भी पहुंचे। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया। कार्यक्रम में थल सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग भी पहुंचे थे। इस अवसर पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जवानों को बधाई दी।
वायु सेना प्रमुख ने जवानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हाल में सेना पर हुए हमले इस बात की ओर इशारा करते हैं कि हम कितने मुश्किल समय में जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगले कुछ सालों में 36 राफेल विमानों के मिलने से निकट भविष्य में हमारे परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी।
इस कार्यक्रम की शुरुआत आकाश गंगा की टीम ने 2000 फीट की ऊंचाई से पैराशूट से कार्यक्रम स्थल पर उतर कर की। आकाश गंगा की टीम का नेतृत्व वायुसैनिक गजानन यादव ने की।
हवा में अनेक तरह के हवाई करतब दिखाकर जनता की वाहवाही लूटी। इसके बाद वायु सैनिकों ने सुंदर मार्च पास्ट किया। इवायुसेना के लड़ाकू विमानों ने हवा में करतब दिखाये। हवा में करतब दिखाने वाले विमानों में हरकुलिस सी 13ए, मिग 29, सुखोई, सी 17 ग्लोव मास्टर, जगुआर तथा सारंग थे। दो साल बाद हवाई परेड में शामिल हुआ सारंग ने सबके दिल जीत लिए। इस मौके पर निशान टोली की खूबसूरती देखते ही बनती थी। एयर वोरियर रायफल टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
वायुसेना के सबसे पुराने विमानों से लेकर दुनिया के सबसे आधुनिक फाइटर एयरक्राफ्ट में से एक सुखोई आसमान में अपनी ताकत का लोहा दिखाय। पहली बार फ्लाई-पास्ट में स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस भी शिरकत किया।
फ्लाई पास्ट में सुखोई और तेजस के अलावा मिराज, जगुआर और मिग लड़ाकू विमान भी आसमान में अपना जौहर दिखाएं। साथ ही दुनिया का सबसे बड़ा और शक्तिशाली मिलेट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, सी-17 ग्लोबमास्टर और एवक्स विमान और हेलीकॉप्टर की ताकत भी देखने को मिली ।
सी-130 जे सुपर हरक्युलिस विमान की खूबियां
सी-130 जे सुपर हरक्युलिस विमान भी हिंडन एयरबेस पर हिस्सा लिया। बता दें कि गुरुवार को राष्ट्रपति ने सी-130 जे विमान के दुनिया की सबसे उंची एयर-स्ट्रिप, दौलत बेग ओल्ड़ी (डीबीओ) पर लैंड करने का पोस्टल-स्टैंप जारी किया था। वर्ष 2013 में सी-130जे सुपरहरक्युलिस एयरक्राफ्ट ने लद्दाख के डीबीओ में चीन सीमा के करीब लैंडिग कर एक नया कीर्तिमान बनाया था।
गौरतलब है कि चीन सीमा पर किसी भी परिस्थिति में सैनिकों और बड़े हथियारों को चीन सीमा पर पहुंचाने में ये विमान काफी कारगर है। खास बात ये है कि इस साल वायुसेना दिवस पर हिंडन में विमानों के डिस्पले में ब्रह्मोस मिसाइल फिटेड सुखोई विमान भी दिखाई दिया। हाल ही में सुखाई विमान में ब्रह्मोस मिसाइल का टेस्ट फायर किया गया था, जो सफल रहा था।
माना जा रहा है कि इस साल के अंत तक ब्रह्मोस मिसाइल वायुसेना में शामिल हो जाएगी। सुखोई फायटर प्लेन में ब्रह्मोस मिसाइल लगने से वायुसेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी। माना जाता है कि दुनिया में अभी तक किसी भी देश के पास इस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का कोई तोड़ नहीं है। पाकिस्तान तो क्या चीन भी इस मिसाइल से डरता है। अगर ये मिसाइल सुखोई में फिट हो जाती है तो वायुसेना का सीना गर्व से फूल जाएगा। यही वजह है कि कुछ दिन पहले वायुसेना प्रमुख ने दावा किया था कि अब इंडियन एयरफोर्स चीन और पाकिस्तान से एक साथ मुकाबला करने के लिए तैयार है।







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