कराची, प्रेट्र/आइएएनएस। पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में शाह नूरानी की दरगाह में शनिवार को हुए आतंकी हमले में 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 100 से अधिक घायल हो गए। लासबेला जिले में जब बम धमाका हुआ, उस समय लोग भक्ति में विभोर होकर सूफी नृत्य 'धमाल' कर रहे थे। 'डॉन' अखबार के अनुसार, अभी तक किसी आतंकी समूह ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है।
लासबेला के तहसीलदार जावेद इकबाल ने बताया कि दरगाह में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। उन्होंने कहा कि यहां पर दवाओं की आपातकालीन व्यवस्था और एंबुलेंस का इंतजाम तक नहीं रहता है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन सूर्यास्त के बाद यहां पर श्रद्धालु 'धमाल' में भाग लेते हैं। ईधी फाउंडेशन के लासबेला प्रभारी हकीम लस्सी ने बताया कि आतंकी हमले के समय पांच सौ लोग दरगाह में थे। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन ने राहत कार्य शुरू कर दिया है और घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। इस काम में 10 से अधिक एंबुलेंस लगाए गए हैं।
हालांकि, पहाड़ी इलाका होने के चलते राहत कार्य में मुश्किल आ रही है। बलूचिस्तान के आंतरिक मंत्री सरफराज अहमद बुगती ने कहा कि इस इलाके में कोई बड़ा अस्पताल नहीं है। इसलिए गंभीर रूप से घायल लोगों को इलाज के लिए कराची भेजा जा रहा है। सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने बेगुनाह लोगों की मौत पर शोक प्रकट किया है।उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को यहां पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। यहां देशभर से लोग आते हैं। पड़ोसी देश ईरान से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं।
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| Terror attack in Pakistan, again |



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