पिछले चुनाव के रनर अप प्रत्याशी भी भाजपा की टिकट पॉलिसी के राडार पर The runner-up candidates in the last elections on a BJP ticket policy radar



लखनऊ, भारतीय जनता पार्टी ने 2012 के विधानसभा चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे प्रत्याशियों को भी टिकट देने पर विचार किया है। इसमें पार्टी ने टिकट दावेदारों का जो पैनल बनाया है, उनमें 50 हजार या उससे ज्यादा वोट पाने को प्राथमिकता दी है।

पिछले विधानसभा चुनाव में ऐसी 54 सीटों पर भाजपा प्रत्याशी दूसरे स्थान पर रहे हैं। 50 हजार से ज्यादा वोट पाने वाले पार्टी की प्राथमिकता परइनमें भरत सिंह और लल्लू सिंह तो सांसद बन गए हैं। बाकी ज्यादातर रनर अप प्रत्याशी टिकट दावेदारों के पैनल में शामिल हैं। दूसरे नम्बर पर आने वाले भाजपा प्रत्याशियों में 15 ऐसे प्रत्याशी हैं, जिन्होंने 50 हजार या उससे अधिक वोट पाए हैं। मौजूदा समय में पार्टी पदाधिकारी इन्हीं प्रत्याशियों में कर रहे हैं जोड़-घटानासूत्रों के अनुसार पार्टी द्वारा कराए गए निजी एजेन्सियों की 3 सर्वे रिपोर्टों के तीन नामों के पैनल में दूसरे नम्बर पर रहने वाले ज्यादातर प्रत्याशी स्थान पा गए हैं।

सूत्रों के अनुसार इस समय पार्टी के प्रदेश नेतृत्व और अन्य पदाधिकारी दिल्ली में बैठकर इन्हीं नामों में जिताऊ उम्मीदवारों को लेकर जोड़-घटा रहे हैं। प्रत्याशियों की अंतिम सूची पर अगले सप्ताह होने वाली संसदीय बोर्ड की बैठक में मुहर लगेगी। भाजपा हो या बाहरी विधायक, जरूरी नहीं सभी पा जाएं टिकटपिछले विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के 48 विधायक थे। इनमें से 7 विधायक लोकसभा में जीतकर सांसद बन गए। करीब डेढ़ दर्जन विधायक सपा बसपा और कांग्रेस से आकर भाजपा के साथ जुड़ गए। इस तरह सभी मौजूदा विधायकों को टिकट पा जाने के आसार बन रहे हैं।

पार्टी सूत्र बताते हैं कि इनमें से कुछ विधायक सर्वे रिपोर्टों के आधार पर टिकट पाने में सफल नहीं होंगे। उनके ऊपर क्षेत्र में निष्क्रिय रहने और जनता के बीच छवि खराब होने की बात सामने आई है। इस तथ्य को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने भी स्वीकार किया है। उन्होंने साफ कहा कि यह जरूरी नहीं है कि दूसरे दलों से आने वाले सभी नेता टिकट पा जाएं। अगर वह जिताऊ उम्मीदवार पाए जाएंगे, तभी उन्हें टिकट मिलेगा।



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