चंडीगढ़ , ( न्यूज नेटवर्क ) 10 साल बाद पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के सत्ता से विदाई हो गई और पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन अमरेंद्र सिंह जो कि सीएम भी रह चुके हैं को जनता ने उनके जन्म दिन पर आज जीत का तोहफा दिया। कांग्रेस की वापसी : शुरूआती रुझानों के मुताबिक कांग्रेस 117 सदस्यीय विधानसभा की 75 सीटों पर आगे थे, जबकि शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठबंधन 19 और आम आदमी पार्टी 23 सीटों पर बढ़त बनाए हुए थे। आम आदमी पार्टी के नेताओं को यहां करारा झटका लगा है। सांसद भगवंत मान, संयोजक गुरुप्रीत घुग्घी जैसे नामी नेता भी बुरी तरह हार गए।
राज्य के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल अपनी लंबी विधानसभा सीट पर अपने प्रतिद्वंद्वी कैप्टन अमरिंदर सिंह पर बढ़त बनाए हुए हैं। अपनी पुश्तैनी सीट पटियाला से कैप्टन अमरिंदर आगे चल रहे हैं। इस बार वह दो सीटों से अपना राजनीतिक भाग्य आजमा रहे हैं। शिअद अध्यक्ष और उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल जलालाबाद सीट से आगे चल रहे हैं। वह कांगे्रस उम्मीदवार रवनीत सिंह बिट्टू पर 2,144 मतों के अंतर से बढ़त बनाए हुए हैं। अबोहर सीट पर कांग्रेस नेता सुनील जाखड़ भाजपा उम्मीदवार अरुण नारंग से 1,487 मतों के अंतर से पीछे चल रहे हैं। कांग्रेस के नवजोत सिंह सिद्धू अमृतसर पूर्व सीट पर आप उम्मीदवार सरबजोत सिंह धंजल पर 2691 मतों से आगे चल रहे हैं। शुरूआती रुझान के अनुसार फतेहगढ़ साहिब, धरमकोट, बालुआना (सु.) और गिदड़बाहा सीटों पर कांग्रेस आगे है, जबकि लंबी, मोगा और मजीठा सीटों पर अकाली दल आगे चल रहा है। आप भादौर (सु.) सीट पर आगे चल रही है। कांग्रेस उम्मीदवार मनप्रीत बादल भटिंडा शहरी सीट से आप उम्मीदवार दीपक बंसल से पीछे चल रहे हैं।
अखिल भारतीय युवा कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वरिंग गिदड़बाहा सीट पर आगे हैं। पंजाब के कैबिनेट मंत्री विक्रम सिंह मजीठिया कांग्रेस उम्मीदवार पर बढ़त बनाए हुए हैं। हरगोबिंदपुर सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार बलविंदर सिंह लद्दी और महल कलां सीट पर आप के कुलवंत सिंह आगे हैं। भ्रष्टाचार व ड्रग्स तस्करी पंजाब में एक बड़ा मुद्दा था और कांग्रेस की यहां संगठित मोर्चेबंदी व मुद्दे उठाने से वापसी हुई है, भाजपा के बड़े दिग्गज चुनाव हार गए हैं। जालंधर में कांग्रेस बढ़त पर : जालंधर जिले की नौ विधानसभा सीटों के लिए जारी मतगणना के पहले चरण में सत्तारूढ़ शिअद-भाजपा गठबंधन और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला दिखा, पर जल्द ही कांग्रेसी प्रत्याशी आगे निकल गए।
जोरदार उपस्थिति दिखाने वाली आम आदमी पार्टी काफी पीछे रही। जालंधर के जिला चुनाव अधिकारी ने बताया कि पहले चरण में मतों की गिनती के बाद जिले की नौ सीटों में से पांच पर शिअद आगे थी जबकि कांग्रेस पार्टी चार सीटों पर आगे थी लेकिन बाद में कांग्रेस 7 सीटों पर आगे निकल गई। पिछली बार शहर की चार सीटों में से तीन पर भाजपा जबकि एक पर शिअद का उम्मीदवार विजयी रहा था। विधानसभा चुनावों के लिए पहले दौर में जिले के देहात इलाके के सभी पांच सीटों पर शिअद को बढ़त थी जबकि शहर की चार सीटों पर कांग्रेस आगे थी। इसमें सीधा नुकसान भारतीय जनता पार्टी को हुआ क्योंकि वह तीनों सीटों पर पीछे चल रही है। शहर के छावनी सीट पर कांग्रेस के परगट सिंह जीत गए हैं जो मौजूदा विधानसभा में शिअद की सदस्यता छोड़ कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे और पार्टी ने इस सीट पर उनमें भरोसा जताया था। भाजपा के दिग्गज एवं जालंधर में पूर्व मंत्री एम. कालिया तथा संसदीय सचिव के.डी. भंडारी भी चुनाव हार गए। पंजाब की पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस उम्मीदवार राजिंदर कौर भट्टल को अकाली उम्मीदवार परमिंदर सिंह ढींढसा ने 26,815 मतों के अंतर से पराजित किया। ढींढसा को 65,550 वोट मिले तो भट्टल को 36,735 वोट हासिल हुए। आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार जसवीर सिंह फुलका 25,089 वोट हासिल करके तीसरे स्थान पर रहे।



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