नई दिल्ली, ( शान्तिदूत ) राजनीतिक दृष्टि से देश के सबसे महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लहर ने भाजपा को प्रचंड बहुमत दिलाकर नया इतिहास रच दिया जबकि उत्तराखंड में भी उसकी सरकार बनना तय हो चुका है। उधर पंजाब में सत्ता विरोधी लहर पर सवार होकर कांग्रेस ने सत्ता में वापसी कर सभी एग्जिट पोलों को धराशायी कर दिया। गोवा और मणिपुर में भाजपा और कांग्रेस में कड़ी टक्कर है।
उत्तर प्रदेश में भाजपा ने 324 सीटें हासिल कर तिहरा शतक लगा दिया है। उत्तर प्रदेश में इससे पहले किसी पार्टी ने इतनी बड़ी जीत हासिल नहीं की थी। यहां तक कि 1991 की राम लहर पर सवार होकर भी भाजपा इतनी सीटें हासिल नहीं कर पाई थी। सपा और कांग्रेस को केवल 56 सीटें ही मिलीं जबकि बसपा को केवल 18 सीटें ही मिलीं। अन्य के खाते में केवल 5 सीटें ही गई हैं। 90 के दशक में राम मंदिर आंदोलन चला था, तब भाजपा ने उत्तर प्रदेश में बहुमत हासिल किया था। कल्याण सिंह के नेतृत्व में भाजपा को 221 सीटें मिली थीं। इसके बाद भाजपा कभी भी इस आंकड़े के आसपास तक नहीं पहुंच सकी लेकिन मोदी की सुनामी ने इस आंकड़े को पार करने में सफलता हासिल कर ली है।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का जनादेश यह दिखाता है कि जनता ने सरकार के नोटबंदी और सर्जिकल स्ट्राइक के फैसले को अभूतपूर्व समर्थन दिया है। उत्तर प्रदेश में देवबंद जैसी मुस्लिम बाहुल्य सीटों से भाजपा की जीत से स्पष्ट हो चुका है कि उत्तर प्रदेश की जनता ने प्रधानमंत्री मोदी पर भरोसा जताया है और विकास के लिए वोट दिया है। उत्तर प्रदेश को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का साथ पसंद नहीं आया जबकि बसपा को बहुत बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस को रायबरेली, इलाहाबाद जैसे अपने गढ़ों मेंं भी करारी हार का सामना करना पड़ा।



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