‘माध्यमिक आश्रमशाला’ के सैकड़ों बच्चों को राधे गुरु माँ चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा मिला नए साल का तोहफा 'Secondary Asrmshala' hundreds of children had by Radhe Guru Charitable Trust



आदिवासी बच्चों के लिए चल रहे स्कूल में सुविधाओं का अकाल, सरकार बेखबर
पालघर/मुम्बई, ( संवाददाता )  नए साल के अवसर पर लोग अलग- अलग तरह से खुशियां मनाते है, लेकिन  ममतामई श्री राधे गुरु माँ चैरिटेबल ट्रस्ट के लोगों ने एक अनोखे तरीके से नया साल मनाया। 1 जनवरी 2017 को ट्रस्ट के लोगों ने पालघर के वाड़ा तालुका के परळी में स्थित आदिवासी बच्चों के स्कूल 'माध्यमिक आश्रमशाला परळी' में जाकर के स्कूल के सैकड़ों जरूरतमंद बच्चों को कम्बल, पुस्तक व कॉपी इत्यादि वितरीत किया। क्योंकि आजकल ठंढी का मौसम चल रहा है और ट्रस्ट के लोगों को पता चला था कि वहां के बच्चों के पास ओढने के लिए कोइ खास सुविधा नही है। इसलिए ट्रस्ट के लोगों ने जाकर उनकी मदद की और अक्सर ट्रस्ट के लोग वहां और कई अन्य जगह जाकर विभिन्न तरह की मदद करते रहते है।                          
            इस अवसर पर ट्रस्ट के संजीव गुप्ता ने कहा," हम लोग ट्रस्ट के तरफ से हमेशा लोगों की सेवा करते हैं।माध्यमिक आश्रमशाला के बच्चों के साथ समय बिताकर बहुत अच्छा लगा। यहाँ रहने, पढ़ने,खाने- पीने और पढाई की सामग्री सभी चीजों का अभाव है,सरकार को चाहिए कि इन पर ध्यान दे।
राधे माँ का मानना हैं कि लोगों की सेवा भी भगवान की एक प्रकार से भक्ति है। हम सभी लोग पूरे साल भर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम के जरिये जरुरतमंदों की मदद करते है। यदि हमें मनुष्य का जीवन मिला है तो उसको बेकार नहीं जाने देना चाहिए,हम सभी को चाहिए कि यथाशक्ति अपने आसपास के लोगों की मदद करे और उनके काम आये। जिस दिन लोग आपने आसपास , सोसाइटी,अपने गाँव इत्यादि के कुछ लोगों के मदद करना शुरू कर देंगे, उसदिन के बाद देश में बदलाव आएगा और देश में शायद ही कोई दुखी और तकलीफ में होगा। हमे आपसी बैर, जाति और धर्म भुलाकर कर एक होकर केवल देशहित की भावना से काम करना चाहिए। "     




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