नोएडा, ( संवाददाता ) दिन के उजाले में भले ही सभी प्रत्याशी लोगों को अपने साथ जोड़ने में लगे हुए हैं, लेकिन रात में गुपचुप तरीके से दूसरे दलों के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों से संपर्क कर उन्हें पार्टी से तोड़ने का काम भी जोर-शोर से कर रहे हैं। दूसरों दल के खेमों में सेंध लगाने के लिए रात के अंधेरे का लाभ जमकर उठाया जा रहा है। रात के समय गुपचुप तरीके से बैठकें चल रही हैं। कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को अपने पाले में लाने के लिए हर तरह का प्रलोभन भी दिया जा रहा है। ऐसे कार्यकर्ता या पदाधिकारी जो अपनी पार्टी से खफा हैं। उनके नाराज होने का पूरा लाभ दूसरे दलों के प्रत्याशी उठाने का पूरा प्रयास कर रहे हैं।
सुबह दिन निकलते ही प्रत्याशियों का प्रचार अपने क्षेत्र में शुरू हो जाता है। प्रत्याशियों के समर्थक और परिजन अलग-अलग क्षेत्रों में घर-घर जाकर जनसंपर्क कर रहे हैं। प्रत्याशियों की रणनीति इस समय अधिक से अधिक लोगों को अपने साथ जोड़ने और दूसरे दलों के कार्यकर्ता व पदाधिकारियों को तोड़ने की है। कार्यकर्ता और पदाधिकारी भले ही अपनी पार्टी को छोड़कर उनके साथ खुलकर सामने न आ रहे हों, लेकिन अंदरखाने उन्हें अपने साथ करके दूसरे दलों को कमजोर करने का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए रात के अंधेरे का जमकर फायदा उठाया जा रहा है। प्रत्याशी के धुर समर्थक दूसरे दलों के कार्यकर्ता व पदाधिकारियों को चिन्हित कर अपने पक्ष में करने के लिए जीतोड़ कोशिशे कर रहे हैं। उन्हें मनाने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रलोभन आदि का भी सहारा लिया जा रहा है। किसकी निष्ठा किसके साथ रहती है और कौन सा प्रत्याशी जोड़-तोड़ में कितना कामयाब होता है, यह तो आने वाला समय बताएगा, लेकिन इस समय प्रत्याशी अपने विरोधी दलों पर जमकर निशाना साध रहे हैं।



0 comments:
Post a Comment