फिल्म इंडस्ट्री के पायरेसी को रोकेगा कॉपकोर्न - anti piracy software Copcorn





नई दिल्ली: 19 हजार करोड़... ये अनुमानित आंकड़ा इंडियन फिल्म इंडस्ट्री को पायरेसी से होने वाले सालाना नुकसान का है. बेशक फिल्म इंडस्ट्री के सामने ये बड़ी चुनौती है और इसका समाधान अब एक दिल्ली की फर्म ने निकालने का दावा किया है.

एक अनुमान के मुताबिक, फिल्म पायरेसी में जुड़े लोगों में 70 पर्सेंट भारतीय हैं और 10 फीसदी पाकिस्तानी.

एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली की इस फर्म ने एक ऐसा सॉफ्टवेयर, CopCorn तैयार करने का दावा किया है जो पायरेसी रोकने में मदद कर सकता है. बता दें कि असली प्रिंट के जरिए फिल्मों की नकली कॉपी बनाने से सरकार को मिलने वाले रेवेन्यू को भी झटका लगता है.


पायरेसी पर लगाम लगाने का सॉफ्टवेयर बनाने का दावा करने वाली फर्म है - वॉयेएजर इंफोसेक प्राइवेट लिमिटेड. इसके डायरेक्टर जितेन जैन ने बताया - हमारे इंजीनियर्स ने ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम CopCorn डेवलप किया है.


यह इंटरनेट पर लीक हुई फिल्मों का ट्रैक रखेगा. साथ ही ऐसे लोगों का भी पता लगाएगा जो टॉरेन पर इन फिल्मों को अपलोड और डाउनलोड कर रहे होंगे.

फर्म का दावा है कि यह सॉफ्टवेयर 98% की एक्युरेसी के साथ ग्लोबल लेवल पर काम कर सकता है. इसके अलावा इसमें एक खास कोडिंग की गई है जो लीक हुई फिल्मों को दूसरी साइट्स पर जाने से रोकेगी.

जितेन जैन ने बताया कि CopCorn के जरिए 'कहानी 2' की पायरेसी की कोशिश पता लगाई थी. मूवी रिलीज होने के समय 1.5 लाख लोगों ने इसे टॉरेन से डाउनलोड करने का प्रयास किया था.

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