चुनाव प्रक्रिया के दौरान पकड़े गए कैश, शराब और ड्रग्स - Assembly election seizures huge cache , drugs and wine




नई दिल्ली: देश में चुनाव का बिगुल बजते ही चुनाव आयोग की नजर राजनीतिक दलों द्वारा कैश और शराब का सहारा लेकर प्रचार करने की कोशिशों पर रहता है. इसके चलते प्रत्येक चुनाव में आयोग को अलग-अलग कैंडिडेट और पार्टियों से बड़ी संख्या में करोड़ों रुपये की नकदी और शराब की लाखों बोतलें बरामद होती है. चुनाव प्रचार के इन साधनों की लिस्ट में वाइल्ड कार्ड एंट्री ड्रग्स की भी हुई है.
पांच राज्यों में जारी चुनाव प्रक्रिया के दौरान पकड़े गए कैश, शराब और ड्रग्स की सूची जारी करते हुए चुनाव आयोग ने बताया कि कैसे इस बार न सिर्फ पंजाब बल्कि बाकी राज्यों में भी उड़ता चुनाव हो रहा है.

 उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग ने चुनावों के दौरान अभीतक 109 करोड़ रुपये की नकदी और 19 लाख शराब की बोतलें बरामद की है. इसके अलावा प्रदेश भर से आयोग ने चुनाव में लगे कैंडिडेट और उनके समर्थकों से 2,596 किलो ड्रग्स/नारकोटिक्स बरामद किया. इसमें गांजा, चरस, स्मैक, डोडा इत्यादि प्रकार के ड्रग्स शामिल हैं. राज्य से बरामद कुल ड्रग्स की बाजार में कीमत 7.22 करोड़ रुपये आंकी जा रही है.

वहीं चुनाव से पहले बना उड़ता पंजाब का मुद्दा चुनाव में एक बार फिर हावी रहा, लेकिन अंतर इतना कि उड़ता पंजाब के रंग में रंग कर प्रदेश का चुनाव पूरी तरह से उड़ता चुनाव बन चुका है. चुनाव आयोग को चुनाव प्रक्रिया के दौरान पंजाब से जहां 58 करोड़ की नकदी और लगभग 13 लाख बोतल शराब और लहन(देसी शराब) बरामद हुई वहीं उसे 18 करोड़ रुपये की कीमत का ड्रग्स भी बरामद हुआ है. पंजाब में गांजा, चरस, कैपसूल समेत 2,598 किलो अन्य नार्कोटिक सामग्री बरामद हुई है.

उत्तराखंड में एक चरण में 15 फरवरी को कराई गई पोलिंग से पहले चुनाव आयोग को लगभग 3.5 करोड़ रुपये नकदी में बरामद हुई तो 1 लाख लीटर से अधिक शराब की बोतलें बरामद हुई है. इस पहाड़ी राज्य में भी चुनाव आयोग को चुनाव में प्रत्याशियों और समर्थकों से 81 किलो ड्रग्स बरामद हुई जिसकी कीमत लगभग 37.23 लाख आंकी जा रही है.

 वहीं छोटे से राज्य गोवा में चुनाव आयोग को लगभग 2.5 करोड़ रुपये के साथ 77 हजार शराब की बोतल बरामद हुई है. इस बरामदगी के साथ-साथ राज्य से 6 किलो नार्कोटिक/ड्रग्स भी बरामद हुई है जिसकी बाजार में कीमत 33 लाख रुपये से अधिक आंकी जा रही है.


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