भाजपा - बसपा में कांटे की टक्कर, कांग्रेस की हालत पतली BJP - in close BSP, Congress debilitate



गाजियाबाद, ( संजय त्रिपाठी )  गाजियाबाद विधानसभा क्षेत्र में अभी तक की स्थिति में भाजपा और बसपा में ही कांटे की टक्कर दिखाई दे रही है । फिलहाल कांग्रेस की स्थिति पतली है । लोगों में इस बार दोनों प्रत्याषियों को लेकर ही जगह - जगह चर्चा सुनाई दे रहा है । 
गाजियाबाद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के प्रत्याषी अतुल गर्ग पिछले बार भी भाजपा के टिकट से ही चुनाव लड़े थे । उस समय तीन वैष्व प्रत्याषियों के होने से चुनाव का गणित लोग नहीं समझ पाये और बसपा के प्रत्याषी सुरेष बंसल ने मोर्चा मार लिया । अब तक इस सीट पर वैष्व प्रत्याषी के जीतने की संभावना ज्यादा रहती है । हालंाकि यहां ब्रह्मण वोटरों की संख्या ज्यादा है । फिर भी इस बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे ब्राह्मण प्रत्याषी के.के. षर्मा अभी लड़ाई में कही भी दिखाई नहीं दे रहे है । अगर जातिगत संख्या के आधार पर देखा जाए तो यहां वैष्व वोटरों की संख्या करीब 41 हजार, ब्राह्मण वोटरों की संख्या 53 हजार, ठाकुर करीब 25 हजार, मुस्लिम वोटरों की संख्या करीब 40 हजार और दलित वोटरों की संख्या करीब 75 हजार है । लेकिन गाजियाबाद में हमेषा वैष्व वोटरों पर ही चुनावी गणित बैठाया जाता है । यहां के बुजुर्गो का कहना है कि गाजियाबाद षहर में सभी जाति किसी न किसी रूप में व्यवसाय से जुड़ा हुआ है । यहां के व्यापारी सिर्फ अपने व्यापार और व्यापारी भाईयों के लाभ को ध्यान में रखते हैं । इसी के मध्येनजर यहां का चुनाव वैष्व समाज के चुनाव में बदल जाता है । इसी से यहां के राजनीतिक पंडि़तों का मानना है कि गाजियाबाद सीट पर जीत निष्चित करने में वैष्वों की भूमिका अहम होती है । यहां से कई बार ब्राह्मण प्रत्याषी भी विधायक बने हैं, लेकिन हमेषा आम लोगों को लगता है कि यहां से भाजपा का पलड़ा ही भारी होता है। 
पिछले बार की चुनाव पर अगर नजर दौड़ाते हैं तो यहां से बसपा के वैष्व प्रत्यासी सुरेष बंसल ने 64342 वोट पाकर जीत दर्ज कराया । दूसरे स्थान पर अतुल गर्ग रहे जिन्होंने 52253 वोट प्राप्त किए थे । उस समय तीसरे स्थान पर कांग्रेस प्रत्याषी सुरेन्द्र प्रकाष गोयल रहे थे, जिन्होंने 37048 वोट पाया था,  और सपा के पवन षर्मा ने 17127 वोट प्राप्त किए थे । इस बार के चुनाव में भी बसपा प्रत्याषी सुरेष बंसल और भाजपा प्रत्याषी अतुल गर्ग के बीच ही लड़ाई दिख रही है । पिछले चुनाव में सिर्फ 12 हजार वोटों से भाजपा प्रत्याषी अतुल गर्ग को हार का मुंह देखना पड़ा था । इस बार वे पिछले हार का बदला लेने के लिए हर स्तर पर अपनी तैयारी में लगे है । दूसरी तरफ सुरेष बंसल भी कोई कोर - कसर नहीं छोड़ना चाहते । इन दोनों पार्टियों की ही अभी पान, चाय, बस स्टैण्ड और बाजारों में भी चर्चाएं चल रही है । भाजपा के कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस बार उनके प्रत्याषी दूना जोष से चुनाव मैदान में डटे हुए है ं। कांग्रेस अभी फाईट से कोसो दूर नजर आ रही है । हालांकि सपा और कांग्रेस के गठबंधन के कारण इस चुनाव में अंत समय में यह टक्कर तीकोना बन जाए तो कोई मुष्किल नहीं कहा जा सकता ।   




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