कर्नाटक के टुमकुर से झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है. उड़ीसा में अस्पताल से कंधे पर पत्नी के शव को ले जाने की घटना के बाद कर्नाटक में भी इंसानियत शर्मसार हुई है. यहां एक बच्ची के शव को ले जाने के लिए पिता को मोपेड का इस्तेमाल करना पड़ा. अस्पताल की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई.
गौरतलब है कि टुमकुर में एक 20 साल की लड़की ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. पिता का आरोप है कि उसे कोई डाक्टर देखने के लिए नहीं आया. इसके बाद जब शव को ले जाने की बारी आई तो उन्हें मोपेड पर ही शव को ले जाना पड़ा. यह काफी दर्दनाक दृश्य था. टी. रत्नम्मा बंगलुरु से 150 किमी. दूर वीरापुरा के पास मधुगिरी गांव के निवासी हैं. बीते शनिवार को उनकी बेटी को बुखार और सर्दी की शिकायत हुई. जिसके बाद रत्नम्मा अपनी जेब में मात्र 150 रुपयों के साथ ही अस्पताल की ओर चल दिये.
खास बात यह है कि राज्य के गृहमंत्री और कानून मंत्री दोनों ही टुमकुर जिले से ही आते हैं. अब सवाल उठ रहा है कि सरकार के दो मंत्री जब यहां से हैं तो जिले के अस्पतालों में चिकित्सकीय सुविधा क्यों नहीं मिल पाई. लोग इस मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.



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