अलगाववादियों के 22 ठिकानों पर NIA की छापेमारी में आतंकियों संगठन के लेटरहेड के साथ 1.15 करोड़ रुपए बरामद - NIA raids in kashmir and delhi in connection with terror funding in kashmir




नई दिल्ली: ऑपरेशन हुर्रियत का बड़ा असर हुआ है. कश्मीर में टेरर फंडिंग को लेकर अलगाववादी नेताओं के साथ पूछताछ के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी NIA ने बड़ी छापेमारी की है. एनआईए ने कश्मीर में अलगाववादियों के 14 और दिल्ली में 8 ठिकानों पर छापेमारी की है. एनआईए ने इस मसले पर एफआईआर भी दर्ज कर ली है.अब तक छापेमारी के दौरान दिल्ली और श्रीनगर से 1.15 करोड़ रुपए की रकम बरामद की गई है.

छापेमारी में लश्कर और हिज्बुल मुजाहिद्दीन जैसे आतंकियों संगठन के लेटरहेड मिले हैं. इसके अलावा पेन-ड्राइव, लैपटॉप और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भी जब्त कर लिया गया है.

एनआईए ने हुर्रियत के जिन नेताओं के यहां छापे मारे हैं उनमें नईम खान, बिट्टा कराटे, जावेद गाजी बाबा शामिल हैं. इन नेताओं से एनआईए ने पूछताछ की थी. अब प्रारंभिक जांच रिपोर्ट एफआईआर में तब्दील कर ली गई है. हवाला मामले और आतंकियों को होने वाले फंडिंग मामले में एनआईए की टीम दिल्ली के चांदनी चौक, बल्लीमारान सहित सात स्थानों छापेमारी कर रही है. इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के 14 स्थानों पर भी छापेमारी चल रही है. अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी पर भी एनआईए ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है. एनआईए ने उन पर एफआईआर दर्ज कर ली है.

एनआईए ने आतंकी हाफिज सईद, हुर्रियत नेताओं और दुखतराने मिल्लत पर भी एफआईआर दर्ज की है. जांच एजेंसियों के मुताबिक सबसे पहले पैसा पाकिस्तान से सऊदी अरब और फिर उसके बाद बांग्लादेश, श्रीलंका के हवाला ऑपरेटर के जरिए दिल्ली के हवाला ऑपरेटर के पास पहुंचाया जा रहा है. इसके बाद दिल्ली, हरियाणा के कुछ व्यापारियों की मदद से पैसा कश्मीर में अलगाववादियों तक पहुंचाया जा रहा है. एनआईए इन व्यापारियों की पहचान कर चुकी है. जल्द पाक फंडिंग के मामले में कई गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं.


इससे पहले घाटी के अलगाववादी नेता फारूक अहमद डार उर्फ 'बिट्टा कराटे', जावेद अहमद बाबा उर्फ 'गाजी' और नईम खान ने NIA के सामने पूछताछ में बड़ा खुलासा किया था. सूत्रों के मुताबिक सैय्यद अली शाह गिलानी को नियमित रूप से पैसे मिलते थे. अलगाववादी नेता को पाकिस्तान से अलग-अलग चैनल से पैसे मिलते थे. जिसमें हवाला और क्रॉस बॉर्डर ट्रेड से मुख्य तौर पर पैसा मिलता था.

एक न्यूज़ चैनल ने स्टिंग ऑपरेशन हुर्रियत कर कश्मीर में पत्थरबाजी और अशांति के लिए पाकिस्तानी फंडिंग का खुलासा किया था. इसमें पहली बार कैमरे पर अलगाववादी नेता पाकिस्तान से पैसे लेकर घाटी में माहौल खराब करने की बात कबूलते दिखे. इसके बाद केंद्र सरकार ने एनआईए को इसकी जांच सौंप दी.


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