चुनाव आयोग ने विधायक नरोत्तम मिश्र को 3 साल के लिए अयोग्य ठहराया - EC disqualifies mp minister narottam mishra





नई दिल्ली: मध्य प्रदेश शासन के वरिष्ठ और तेजतर्रार मंत्री नरोत्तम मिश्र को चुनाव आयोग ने 3 साल के लिए विधायक के लिए अयोग्य ठहरा दिया है. मिश्र की मौजूदा विधायकी तो गई ही अगला विधान सभा चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे.

पहले ही किसान आंदोलन से पस्त बैठे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए आगामी विधान सभा चुनाव में भी इस मुद्दे को लेकर विपक्ष के हमलावर तेवरों का सामना करना मुश्किल तो होगा ही. पेड न्यूज पर सरकार की छवि चमकाने के आरोप और आयोग के आदेश को इतनी आसानी से घुमाना इतना आसान भी नहीं होगा.


चुनाव आयोग के मुताबिक मिश्र के खिलाफ 2008 के विधान सभा चुनाव के दौरान पेड न्यूज प्रकाशित कराने का इल्ज़ाम विपक्षी नेताओं ने लगाया था. इल्ज़ाम लगाने वालों ने इस बाबत किए गए भुगतान के सबूत भी चुनाव आयोग के सामने पेश किए. चुनाव आयोग ने नरोत्तम मिश्र को नोटिस भेजकर जवाब मांगा. मिश्र के जवाब से आयोग सन्तुष्ट नहीं हुआ. क्योंकि सबूत और जवाब में कोई तालमेल नहीं था. आयोग ने लम्बी चली सुनवाई प्रक्रिया में जवाब दर जवाब मिश्र को दोषी माना.



2008 के विधान सभा चुनाव के दौरान का मामला था. 2012 में चुनाव आयोग के सामने आया. 2013 से सुनवाई शुरू हुई. यानी 2013 विधान सभा चुनाव से पहले. अब अगले चुनाव आने हैं लेकिन बाज़ी उलट चुकी है. चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने ही आदेश की तलवार चला दी.


नरोत्तम मिश्र की तेजी और जनसंपर्क कौशल को ध्यान में रखते हुए ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनको जन सम्पर्क विभाग की भी ज़िम्मेदारी दी. साथ ही अनकहे अघोषित उपमुख्यमंत्री जैसी हैसियत भी. लेकिन अब चुनाव से ठीक पहले आए चुनाव आयोग का यह आदेश शिवराज सिंह के लिए बड़ा झटका है

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