एलजी ने विजिलेंस विभाग से कहा पीडब्ल्यूडी घोटाले की जांच नियमों के मुताबिक हो, बढ़ सकती केजरीवाल की मुश्किलें - delhi lg office has communicated secretary vigilance to take action as per rules in pwd scam





नई दिल्ली: पीडब्ल्यूडी घोटाले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने पीडब्ल्यूडी घोटाले की जांच में शिकायतकर्ता राहुल शर्मा की उस शिकायत को भी विजिलेंस विभाग को भेज दिया है, जिसमें राहुल शर्मा ने मुख्यमंत्री को भी जांच के दायरे में लाने की गुहार लगाई थी. एलजी ने विजिलेंस विभाग से कहा है कि नियमों के मुताबिक शिकायत पर कार्रवाई की जाए.

 बता दें कि एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने कथित पीडब्ल्यूडी घोटाले में तीन एफआईआर दर्ज की हैं. इनमें से एक एफआईआर में केजरीवाल के साढ़ू सुरेंद्र बंसल की कंपनी रेणु कंस्ट्रक्शन्स का भी नाम है. बंसल का निधन हो चुका है.


हालांकि एफआईआर में सुरेंद्र बंसल का नाम नहीं है, लेकिन उनकी कंपनी के अलावा पीडब्ल्यूडी के अधिकारी और 2 अन्य आरोपियों के नाम इनमें दर्ज हैं. एसीबी ने सभी आरोपियों पर भ्रष्टाचार-रोधी अधिनियम (Prevention of Corruption Act) और जालसाजी से जुड़ी धाराएं (13(1) d 420, 468, 471, 120b, 34) लगाई हैं. एसीबी चीफ एमके मीणा के मुताबिक मुकदमे समाजसेवी राहुल शर्मा की शिकायत पर दर्ज हुए हैं. उनके मुताबिक दिल्ली सरकार के बर्खास्त मंत्री कपिल मिश्रा ने भी इस मामले में कुछ तथ्य उजागर करने की बात कही है.


दरअसल, पीडब्ल्यूडी ने 2014 से 2016 के बीच नार्थ-वेस्ट दिल्ली में 2 जगह सीवर और नाली बनाने के काम का ठेका दिया था. आरोप है कि ये ठेका अरविंद केजरीवाल के साढ़ू सुरेंद्र बंसल की कंपनी रेणु कंस्ट्रक्शन को दिया गया और फिर ये काम आगे कुछ फर्जी कंपनियों को दे दिया गया.

आरोपों के मुताबिक नियमों को ताक पर रख कर इस काम के करीब 10 करोड़ रुपये के बिल पास कर दिए गए. ये बिल बोगस कंपनियों के नाम ही पास किये गए थे जो सोनीपत और रोहिणी के फर्जी पतों पर दर्ज थीं. रोड एंटी करप्शन ऑर्गेनाइजेशन (RACO) नाम की एनजीओ के कार्यकर्ता राहुल शर्मा ने मामले को उठाया था.

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