ऐसे जनता दरबार का क्या फायदा, जब यहां जनता को आने की अनुमति नहीं है: कपिल मिश्रा - kapil mishra at arvind kejriwal residence





नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता कपिल मिश्रा लगातार दिल्ली के सीएम अरविंद पर हमले कर रहे हैं. शुक्रवार को कपिल मिश्रा अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर अपने समर्थकों के साथ पहुंच गए. पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक लिया, लेकिन वह अरविंद केजरीवाल से मिलने की जिद पकड़े रहे. वहीं खड़े होकर अपने कार्यकर्ताओं के साथ भजन गाने लगे. कपिल मिश्रा गाते दिखे, उठ जाग मुसाफिर भोर भई.... जो सोवत है वो खोवत है, जो जागत है वो पावत है.... दरअसल, अरविंद केजरीवाल के जनता दरबार में कपिल मिश्रा 7 प्रस्तावों के साथ मिलने पहुंचे थे.

कपिल मिश्रा ने कहा, मैं यहां सिर्फ 15-20 लोगों के साथ आया था. ऐसे जनता दरबार का क्या फायदा, जब यहां जनता को आने की अनुमति नहीं है? मिश्रा ने पहले ही जनता दरबार में आने का ऐलान कर दिया था जिसके बाद पुलिस ने बख्रास्त मंत्री एवं उनके समर्थकों को रोकने के लिए मुख्यमंत्री निवास के आस-पास अवरोधक लगा दिए थे. मिश्रा ने पत्रकारों से कहा, हम यहां केजरीवाल और जैन के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर चर्चा के लिए राम लीला मैदान में दिल्ली विधानसभा का एक विशेष सत्र आयोजित किए जाने की मांग करने आए थे लेकिन हमें यहां से आगे ही नहीं बढ़ने दिया गया. मिश्रा ने केजरीवाल और जैन से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद उन्हें अपने पद पर बने रहने का कोई ‘नैतिक अधिकार’ नहीं है.

कपिल मिश्रा ने केजरीवाल के घर जाने से पहले ही ट्वीट करके जानकारी दी थी कि वह सीएम दरबार में जाएंगे और उनके साथ संतोष कोली की मां भी होंगी.


आंदोलन की शुरुआती साथी संतोष कोली की दुखद मृत्यु अत्यंत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई, आम आदमी पार्टी के नेताओं ने भी इसे साजिश करार दिया और हत्या बताया. अरविंद केजरीवाल ने स्वयं भी पूर्ण सत्ता की सरकार आने पर इस घटना की सीबीआई जांच कराने की बात कही. उनका परिवार आज भी न्याय पाने की उम्मीद में लड़ रहा है.


उधर-अरविंद केजरीवाल और सतेंद्र जैन पर एक के बाद एक आरोप लगाने वाले कपिल मिश्रा अब अपने करीबी नील हसलम के गुस्से का शिकार बन गए हैं. अक्सर कपिल के साथ प्रेस कांफ्रेंस (पीसी) करने वाले नील हसलम कपिल से गुरुवार को नाराज हो गए. नील गुरुवार को भी कपिल के साथ पीसी में आए थे लेकिन अचानक वो इस बात से नाराज हो गए कि नील ने पीसी में प्रोजेक्टर नहीं लगाया और उनके मनमुताबिक पीसी नहीं की. नील के मुताबिक गुरुवार को उनकी कपिल के साथ आखिरी पीसी है. इसके बाद वो कपिल को ही कुछ मामले में एक्सपोज करेंगे.


दरअसल, मंत्री पद से बर्खास्त होने के बाद कपिल मिश्रा लगातार अरविंद केजरीवाल पर घोटालों के आरोप लगा रहे हैं.कुछ दिन पहले ही कपिल मिश्रा ने दिल्‍ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन-2' की शुरुआत की घोषणा की.


इससे पूर्व दिल्ली पुलिस ने पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा को 'वाई' श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई गई है. पिछले दिनों उन पर हुई हमले की कोशिश के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है. कपिल मिश्रा पिछले महीने उपवास पर थे. एक व्यक्ति ने खुद को आम आदमी पार्टी (आप) कार्यकर्ता बताकर उनके घर पर हंगामा किया था और उन पर हमले का प्रयास भी किया था.

गौरतलब है कि दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने करीब एक माह पहले कपिल मिश्रा को सुरक्षा देने की जरूरत बताई थी. उन्होंने कहा था कि मिश्रा पर हमला भी हो सकता है, इसलिए उन्हें पूर्ण सुरक्षा दी जानी चाहिए.

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