हैमबर्ग: सिक्किम बॉर्डर पर भारत और चीन के बीच तनातनी के बीच चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत की तारीफ की है. G-20 समिट से इतर ब्रिक्स देशों की बैठक को संबोधित करते हुए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के मजबूत संकल्प को सराहा. इस बैठक की अध्यक्षता भारत कर रहा है. वहीं, जर्मनी के हैम्बर्ग शहर में जी-20 शिखर सम्मेलन औपचारिक तौर पर शुरू हो गया.
चीनी राष्ट्रपति के संबोधन से पहले ब्रिक्स देशों की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद का मुद्दा उठाया और सबसे बड़े कर सुधार जीएसटी के बारे में भी बात की. अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए किए जा रहे सुधारों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जीएसटी से पूरा भारत एक मार्केट बन जाएगा. हमारे फैसले से वैश्विक परिस्थितियों पर बेहतर असर होगा और व्यापार में आसानी होगी.
प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स देशों की बैठक में प्रोटेक्शनिज्म का भी सवाल उठाया. मोदी ने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया को ब्रिक्स लीडरशिप की जरूरत है. भारत क्लाइमेट एग्रीमेंट को एक अच्छी भावना के साथ लागू करेगा. इससे पहले जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल दुनिया भर के शीर्ष नेताओं का स्वागत किया. मर्केल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हाथ मिलाकर उनका जी20 सम्मेलन में बतौर मेजबान स्वागत किया. इसके साथ ही ट्रंप, पुतिन और चीनी राष्ट्रपति से भी एंजेला मर्केल ने मुलाकात की. इसके बाद एंजेला मर्केल का स्वागत भाषण होगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच देशों के नेताओं के साथ बैठक में ब्रिक्स रेटिंग एजेंसी बनाने पर जोर दिया. साथ ही ब्रिक्स देशों के बीच पीपुल टू पीपुल कॉन्टैक्ट बढ़ाने पर भी जोर देने की बात की.
काले धन पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्लैकमनी के सेफ हैवेन और आतंक की फंडिंग के खिलाफ एक्शन की जरूरत है. अपने भाषण के आखिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को भी बधाई दी. और कहा कि ब्रिक्स समिट के आयोजन में भारत अपना पूरा सहयोग देगा.



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