भारतीय मूल की लियोरा गायेगी पीएम के स्वागत समारोह में भारतीय राष्ट्रगान - israeli singer liora itzhak will singing anthem for welcome to pm narendra modi





नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिनों के लिए इस्राइल (Israel) पहुंच गए हैं. इस्राइल की धरती पर पीएम मोदी (PM narendra Modi visit to Israel) के लिए आयोजित होने वाले स्वागत समारोह में भारतीय राष्ट्रगान गाने के लिए गायिका लियोरा इतज़ाक (Liora Itzhak) को चुना गया है. भारतीय मूल की लियोरा ने कहा, 'मैं करीब 8 साल तक भारत में रही, जब मैं भारत से लौट रही थी तो मेरी उम्र 23 साल थी. आठ साल देश से बाहर होने के चलते मुझे घर की बहुत याद आने लगी थी. इतने लंबे समय तक माता पिता और भाई बहनों से दूर रहना आसान नहीं था. मैं भारत और भारतीयों को काफी पसंद करती हूं. मैं अक्सर भारत जाने के बारे में सोचती हूं.' पीएम मोदी (PM Narendra Modi in Israel) का इस्राइल दौरा शुरू होने के साथ ही सोशल मीडिया पर लियोरा के गाने वायरल हो रहे हैं. लियोरा का हिब्रू भाषा में गाया गया गाना 'माला...माला...' काफी पसंद किया जा रहा है.


 लियोरा के माता पिता गुजरात के हैं, लेकिन उनका जन्म इस्राइल में हुआ है. 15 साल की उम्र में ही वह भारतीय शास्त्रीय संगीत सीखने मुंबई आईं थीं. लियोरा ने पुणे के सुर संवर्धन संस्थान में संगीत की शिक्षा ली थी. पद्म तलवारकर और पंडित सुरेश तलवारकर से लियोरा ने शास्त्रीय संगीत सीखा था.


 लियोरा 1991 से 1998 तक भजन और गजल की तालीम ली थी.  लियोरा बॉलीवुड की फिल्म 'दिल का डॉक्टर' में गाना गा चुकी हैं.
 भारत प्रवास के दौरान लियोरा बॉलीवुड के प्रसिद्ध गायक कुमार सानु, उदित नारायण और सोनू निगम के साथ गाना गा चुकी हैं. पीएम नरेंद्र मोदी के लिए स्वागत गाना गाने को लेकर लियोरा काफी उत्साहित हैं. वह इस मौके के जरिए फिर से बॉलीवुड के दिन को जीना चाहती हैं. साल 2015 में भारत के राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के इस्राइल के दौरे के दौरान भी लियोरा ने बंकेट डिनर के दौरान गाना गाया था. हाल के बॉलीवुड गानों में लियोरा को फिल्म 'जब वी मेट' का 'बरसेगा सावन...' काफी पसंद है.  लियोरा हिंदी काफी अच्छी बोलती हैं.

मालूम हो कि पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री इस्राइल के दौरे पर गए हैं. पीएम नरेंद्र मोदी इस्राइल में राष्ट्रपति रियुवेन रूवी रिवलिन से मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के विभिन्न कंपनियों के सीईओ तथा भारतवंशी समुदाय के लोगों से भी मिलेंगे. वे याद वाशेम स्मारक संग्रहालय भी जाएंगे और यहूदियों के सबसे बड़े नरसंहार (होलोकास्ट) में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देंगे. भारतीय प्रधानमंत्री 1918 में हैफा की आजादी के दौरान जान गंवाने वाले साहसी भारतीय सैनिकों को भी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे.

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