इस्लामाबाद, सज्जाद हुसैन (भाषा) पाकिस्तान ने आज कुलभूषण जाधव तक राजनयिक पहुंच की भारत की मांग को फिर से खारिज करते हुए कहा कि इस मामले की तुलना असैन्य कैदियों से करना तर्क का उपहास है।
इससे पहले कल भारत ने जाधव तक जल्द राजनयिक पहुंच देने की मांग की थी जिन्हें पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनायी है।
विदेश कार्यालय ने यहां एक बयान में कहा, भारत की जाधव मामले की तुलना असैन्य कैदियों एवं मछुआरों से करने की कोशिश तर्क का उपहास है। कल दोनों देशों ने एक दूसरे की जेलों में बंद कैदियों की एक सूची का आदान प्रदान किया था जिसके बाद विदेश कार्यालय ने यह टिप्पणी की।
पाकिस्तान द्वारा मुहैया करायी गयी सूची के अनुसार देश की जेलों में कम से कम 546 भारतीय नागरिक बंद हैं जिनमें से करीब 500 मछुआरे हैं।
विदेश कार्यालय ने दावा किया, कमांडर जाधव भारतीय नौसेना के एक सेवारत अधिकारी हैं जिन्हें भारत की खुफिया एजेंसी रॉ ने जासूसी, आतंकवाद एवं विद्रोही गतिविधियों, के लिए पाकिस्तान भेजा था, जिनके कारण कई निर्दोष जानें गयीं और संप*ि++++++*ा का नुकसान हुआ। पाकिस्तानी विदेश कार्यालय ने कहा कि पाकिस्तान राजनयिक पहुंच से संबंधित 2008 के समझौते के कार्यान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है जिसके तहत दोनों एक दूसरे की जेलों में बंद अपने अपने नागरिकों की सूची का हर साल दो बार - एक जनवरी एवं एक जुलाई - को आदान प्रदान करते हैं।
कार्यालय ने कहा कि पाकिस्तान ने समझौते का पूरी भावना से कार्यान्वयन किया है और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि मानवीय मामले राजनीति की भेंट ना चढ़े।
विदेश कार्यालय ने कहा, हम भारत से बयानबाजी की बजाय कार्वाई के जरिये इसका जवाब देने की उम्मीद करते है ।



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