स्कूल चलो अभियान जल्द शुरू होगा – श्री प्रकाश जावड़ेकर
नई दिल्ली, ( विशेष संवाददाता ) मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने आज यहां 51वें अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के उपलक्ष्य में एक राष्ट्र स्तरीय समारोह का आयोजन किया। माननीय उपराष्ट्रपति श्री एम.वेंकैया नायडू समारोह में मुख्य अतिथि थे। इस अवसर पर उन्होंने राज्य, जिला और पंचायत स्तर के विजेताओं को साक्षर भारत पुरस्कार-2017 प्रदान किये।
इस अवसर पर श्री एम.वेंकैया नायडू ने मैदानी स्तर पर साक्षरता प्रोत्साहन में योगदान करने वालों को साक्षर भारत पुरस्कार-2017 प्रदान किये। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि साक्षरता लोगों को अधिकार संपन्न और जीवन को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि साक्षरता के आभाव में विकास का कोई मायने नहीं होता।
श्री नायडू ने कहा कि हमें अभी लंबा रास्ता तय करना है, क्योंकि अभी लगभग 35 करोड़ युवा और वयस्क लोग साक्षर दुनिया से बाहर हैं। उन्होंने मानव संसाधन विकास मंत्रालय की प्रशंसा की कि मंत्रालय ने देश में बेहतर शिक्षा और साक्षरता के क्षेत्र में कामयाबी के साथ अनेक कदम उठाये हैं।
श्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि 1947 में साक्षरता दर 18 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 81 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने कहा कि हमें उन होशियार बच्चों की निशानदेही करनी चाहिए, जो स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। ऐसे बच्चों को स्कूलों में शामिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष सरकार स्कूल चलो अभियान कार्यक्रम शुरू करेगी। इस प्रयास के तहत शेष 19 प्रतिशत साक्षरता विहीन आबादी को इसके दायरे में लाकर शत-प्रतिशत साक्षरता प्राप्त करने का लक्ष्य तय किया है। यह लक्ष्य 100 प्रतिशत डिजिटल साक्षरता सहित 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा, जैसा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का सपना है।
स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की विशेष सचिव श्रीमती रीना रे ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया।
इस अवसर पर स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग सचिव श्री अनिल स्वरूप और यूनेस्को नई दिल्ली के निदेशक श्री शीगेरू आओयागी भी उपस्थित थे। इस अवसर पर यूनेस्को की महानिदेशक सुश्री इरिना बोकोवा का संदेश भी प्रसारित किया गया।




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