भाजपा ने नेताओं की खरीद फरोख्त की जांच उच्चतम न्यायालय की निगरानी में हो: आप - AAP demanded probe over narendra patel cash case in gujarat





नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) ने गुजरात में पाटीदार आंदोलन के नेता नरेंद्र पटेल को भाजपा द्वारा पार्टी में शामिल होने के लिये कथित तौर पर पैसों की पेशकश करने के मामले में उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच कराने की मांग की है. आप के प्रवक्ता आशुतोष ने कहा कि केंद्र और गुजरात में सत्तारूढ़ भाजपा ने नेताओं की खरीद फरोख्त की अपनी पुरानी परिपाटी को कायम रखते हुये पटेल को एक करोड़ रुपये की पेशकश कर भाजपा में शामिल कराने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की मंजूरी के बिना यह कवायद नहीं की गयी होगी. आशुतोष ने इस आशंका के हवाले से इस मामले की जांच उच्चतम न्यायालय की निगरानी में कराने की मांग की.



उन्होंने कहा कि भाजपा ने जिस तरह से दिल्ली में आप के विधायक को खरीदने की कोशिश की थी, उसी तरह अब गुजरात में भी पटेल को रिश्वत देकर भाजपा में शामिल कराने की नाकाम और नापाक कोशिश की है. आशुतोष ने कहा कि इससे भाजपा का चरित्र एक बार फिर उजागर हो गया है. उन्होंने कहा कि पटेल को घूस के बदले भाजपा में शामिल कराने की साजिश के सूत्रधार सिर्फ गुजरात भाजपा अध्यक्ष नहीं हो सकते हैं बल्कि इसमें पार्टी का शीर्ष नेतृत्व भी जरूर शामिल होगा.



आशुतोष ने कहा कि आप को ना तो गुजरात पुलिस पर यकीन है और ना ही सीबीआई पर, इसलिये पार्टी इस घूसकांड की जांच उच्चतम न्यायालय की निगरानी में कराने की मांग करती है जिससे जनता के बीच सच सामने आ सके. इस दौरान उन्होंने राजस्थान में भी वसुंधरा सरकार द्वारा घूसखोरों को बचाने के लिए कानून बनाने का आरोप लगाते हुये कहा कि राज्य सरकार ने कानून में संशोधन करने की पहल कर सरकारी कर्मचारियों, जजों और यहां तक की राजनेताओं को भी बचाने का इंतज़ाम करने की कोशिश की है.


उन्होंने आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना को सीबीआई का विशेष निदेशक नियुक्त करने को भी अवैध बताया. उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने एक ऐसे अफ़सर को सीबीआई का विशेष आयुक्त नियुक्त कर दिया जिसकी विश्वसनीयता ही संदेह के घेरे में है. सीवीसी ने अस्थाना की सीबीआई में पदोन्नत्ति पर प्रतिकूल रिपोर्ट दी थी. इसके बावजूद मोदी सरकार ने उन्हें पदोन्नत कर सीबीआई में विशेष आयुक्त बना दिया.
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