लखनऊ: उत्तर प्रदेश में राजनीति के हाशिए पर जा चुकीं BSP सुप्रीमो मायावती निकाय चुनाव के जरिए अब वापसी की कोशिश कर रही हैं. इतना ही नहीं अब तक अकेले पूरी पार्टी की जिम्मेदारी संभाल रहीं मायावती ने राज्य के आगामी निकाय चुनावों के जरिए अपने भाई आनंद को भी राजनीति की मुख्य धारा में लाने की योजना बना ली है.
शनिवार को मायावती ने पार्टी नेताओं और समन्वयकों के साथ अहम बैठक की, जिसमें उनके भाई आनंद भी मौजूद रहे. मायावती की मौजूदगी में BSP की इस अहम बैठक में उनके भाई आनंद को आगामी निकाय चुनाव की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई. बैठक में बसपा प्रत्याशियों के चयन को लेकर गहन चर्चा हुई. बताया जा रहा है कि BSP अपने प्रत्याशियों की सूची जल्द ही जारी करेगी. इसके लिए नेताओं और समन्वयकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है.
बीएसपी के अंदरखाने चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं, क्योंकि BSP पहली बार अपने सिम्बल पर निकाय चुनाव लड़ेगी. बीएसपी निकाय चुनाव में किसी पार्टी से कोई तालमेल नहीं करेगी और सभी सीट पर अपने उम्मीदवारों को उतारेगी. इस निकाय चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने भी किसी तरह के गठबंधन से इनकार किया है.
राज्य निवार्चन आयोग ने राज्य में निकाय चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है. चुनाव कार्यक्रम के तहत 1 नवंबर से नगर निगम, नगर पंचायतों में पर्चे दाखिल होंगे. इसके बाद 31 दिसंबर को हर जिले के DM सार्वजनिक सूचना जारी करेंगे. मेयर के लिए नगर निगम मुख्यालयों पर पर्चा दाखिल होगा, जबकि नगर निगम में जोनवार पार्षदों का नामांकन दाखिल होगा.



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